काशीपुर। उत्तराखंड में अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए संचालित छात्रवृत्ति योजना में बड़े पैमाने पर घोटाले का खुलासा हुआ है। किच्छा तहसील के एक अशासकीय स्कूल में 154 छात्र-छात्राओं के नाम पर दी गई छात्रवृत्ति में 110 फर्जी प्रवेश दिखाकर 6.27 लाख रुपये हड़प लिए गए। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नंदिनी तोमर ने बताया कि इस मामले में जांच शुरू हो गई है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना के तहत 16 शिक्षण संस्थानों में से छह के दस्तावेज शासन को नहीं मिले। जांच में किच्छा के एक स्कूल में कक्षा छह से आठ तक के 154 छात्रों को 5700 रुपये प्रति छात्र की दर से छात्रवृत्ति दी गई, जिसमें 44 प्रवेश सही पाए गए, लेकिन 110 छात्रों का कोई अता-पता नहीं मिला। स्कूल प्रबंधन का दावा है कि केवल 44 प्रवेश ही किए गए थे, फिर भी 110 अतिरिक्त नाम विभाग तक कैसे पहुंचे, यह जांच का विषय है।
जांच में सामने आया कि घोटाले में बड़े रैकेट की संलिप्तता हो सकती है। फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेजों के जरिए छात्रवृत्ति हड़पी गई। कई मामलों में एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया गया, जैसे सरस्वती पूर्व माध्यमिक विद्यालय में अर्शी और रुकैया के नाम पर एक ही नंबर (6395525166) दर्ज है। जांच में कई नंबर बंद मिले, और कुछ उत्तर प्रदेश के थे, जिन्हें छात्रवृत्ति की जानकारी ही नहीं थी।
एसडीएम, बीईओ और सहायक अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की टीम छह संदिग्ध शिक्षण संस्थानों की जांच कर रही है। नंदिनी तोमर ने बताया कि जल्द ही पूरी जांच रिपोर्ट सामने आएगी, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।


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