अल्मोड़ा। भिकियासैंण ब्लॉक के ग्राम खुरेड़ी में आस्था के नाम पर आर्थिक शोषण और बेजान पशु बलि प्रथा पर नियंत्रण की मांग को लेकर वरिष्ठ समाजसेवी के.एस. बिष्ट ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी भिकियासैंण को ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि हाल ही में ग्राम खुरेड़ी में एक धार्मिक आयोजन ‘जागर’ के दौरान समुदाय विशेष का आर्थिक शोषण किया गया। एक परिवार से 60,000 रुपये की अवैध वसूली की गई, जो ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति के लिए असहनीय है। 10 दिनों की पूजा में प्रतिदिन सुबह-शाम दो जागर आयोजित हुए, जिनका शुल्क 3,000 रुपये प्रति जागर लिया गया। यह राशि सामान्य मजदूर की दैनिक मजदूरी (300-500 रुपये) की तुलना में अत्यधिक है।
इसके अलावा, उन्होंने आस्था के नाम पर बेजान पशु बलि प्रथा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया, जो पशु अधिकारों और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है। ज्ञापन में मांग की गई है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई की जाए, और आस्था के नाम पर होने वाली गतिविधियों के लिए शुल्क की अधिकतम सीमा निर्धारित हो। साथ ही, बेजान पशु बलि पर पूर्ण प्रतिबंध और ग्रामसभाओं के लिए आयोजनों की पूर्व अनुमति अनिवार्य करने की मांग की गई है।
समाजसेवी ने प्रदेश में जन-जागरूकता अभियान चलाने का भी सुझाव दिया ताकि ऐसी प्रथाओं पर अंकुश लगाया जा सके।


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