देहरादून। उत्तराखंड में बुधवार देर रात से मौसम ने करवट बदली, जब देहरादून और अन्य क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश ने लोगों को दहशत में डाल दिया। अल सुबह करीब डेढ़ बजे शुरू हुई तेज हवाएं और आसमानी बिजली ने माहौल को डरावना बना दिया। लगभग आधे घंटे तक चली आंधी और बारिश के कारण कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। सुबह साढ़े चार बजे मौसम शांत हुआ, लेकिन इस दौरान टिन की चादरें उखड़ने की घटनाएं सामने आईं। मौसम विभाग ने तीन घंटे का तात्कालिक अलर्ट जारी किया, जिसमें कुमाऊं मंडल में हल्की बारिश, गरजन और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई। हिमाचल में भी शाम ढलने के बाद से ही तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई थी। कई स्थानों पर पेड़ सड़क पर गिर गए। जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार, पुरोला में 12 मिमी, लीती में 11 मिमी, मोकमपुर में 9.5 मिमी, काशीपुर में 5.5 मिमी और जॉली ग्रांट में 3.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश ने गर्मी से राहत दी, लेकिन दोपहर में उमस ने लोगों को परेशान किया। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और शिमला में भी मंगलवार शाम से आंधी-बारिश ने सड़कों पर पेड़ गिरा दिए, जिससे आवागमन बाधित हुआ।
मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और देहरादून के लिए येलो अलर्ट जारी किया, जिसमें गर्जन, आकाशीय बिजली और हल्की बारिश की संभावना जताई गई। पर्वतीय क्षेत्रों में तीव्र बारिश और ओलावृष्टि का भी अनुमान है। 18 अप्रैल को देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी और नैनीताल में बारिश और ओलावृष्टि के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 19 और 20 अप्रैल को भी अधिकांश जिलों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी है।
इस मौसमी बदलाव से तापमान में कमी आने की उम्मीद है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड लौट सकती है और मैदानी इलाकों को गर्मी से राहत मिलेगी। बुधवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री और न्यूनतम 20.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना से इनकार किया है, लेकिन सतर्कता बरतने की सलाह दी है।




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