भूल जाइये फास्टैग : सैटेलाइट-आधारित टोल सिस्टम की शुरुआत जल्द - सत्यमेव जयते

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Thursday, April 17, 2025

भूल जाइये फास्टैग : सैटेलाइट-आधारित टोल सिस्टम की शुरुआत जल्द


नई दिल्ली। भारत में हाईवे यात्रा जल्द ही और सुगम व त्वरित होने वाली है। केंद्र सरकार एक क्रांतिकारी सैटेलाइट-आधारित टोल कलेक्शन सिस्टम शुरू करने की तैयारी में है, जो टोल प्लाजा की लंबी कतारों, फास्टैग की खामियों और समय की बर्बादी को इतिहास बना देगा। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में घोषणा की कि अगले 15 दिनों में नई टोल नीति लागू की जाएगी, जो देश के टोल संग्रह तंत्र में आमूलचूल बदलाव लाएगी।

यह नया सिस्टम GNSS (Global Navigation Satellite System) तकनीक पर आधारित होगा। प्रत्येक वाहन में एक ऑन-बोर्ड यूनिट (OBU) लगाई जाएगी, जो वाहन की रीयल-टाइम लोकेशन और हाईवे पर तय की गई दूरी को ट्रैक करेगी। इससे टोल वसूली "Pay as you drive" मॉडल पर होगी, यानी टोल टैक्स केवल उतनी दूरी के लिए देना होगा, जितना वाहन हाईवे पर चला है। यह पारदर्शी व्यवस्था मनमानी वसूली पर अंकुश लगाएगी और यात्रियों को राहत देगी।

फास्टैग सिस्टम, जो 2016 में RFID तकनीक के साथ शुरू हुआ था, ने टोल कलेक्शन को डिजिटल किया, लेकिन इसमें कई समस्याएं सामने आईं, जैसे तकनीकी गड़बड़ियां, टैग स्कैनिंग में देरी और भारी ट्रैफिक। नया GPS-आधारित सिस्टम इन कमियों को दूर करेगा। ड्राइवरों को अब टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। साथ ही, ट्रैफिक जाम की समस्या भी कम होगी।

गडकरी ने कहा कि इस नीति से टोल से जुड़ी सभी शिकायतें खत्म हो जाएंगी। यह सिस्टम न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि पर्यावरण के लिए भी लाभकारी साबित होगा, क्योंकि ईंधन की खपत और वाहनों का उत्सर्जन कम होगा।

इस नई पहल से भारत के हाईवे यात्रा के अनुभव में अभूतपूर्व बदलाव आएगा। यह कदम डिजिटल इंडिया और स्मार्ट परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो यात्रियों को तेज, पारदर्शी और परेशानी-मुक्त सफर का तोहफा देगा।

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