सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एक अभियुक्त को चरस रखने के मामले में सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायाधीश, सोलन अरविंद मल्होत्रा ने वाकनाघाट के रावली गांव निवासी दिग्विजय को 262 ग्राम चरस के साथ पकड़े जाने के मामले में दोषी करार दिया। अभियुक्त को एनडीपीएस अधिनियम, 1995 की धारा 20 के तहत 2 साल 6 महीने की कठोर कारावास की सजा और 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न चुकाने पर उसे 3 महीने की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
जिला अधिवक्ता संजय पंडित ने बताया कि यह मामला 8 दिसंबर, 2016 का है, जब रात करीब 7:30 बजे शिमला-सोलन रोड पर चंबाघाट चौक के पास पुलिस ने अभियुक्त दिग्विजय को उसकी स्विफ्ट कार (नंबर HP01S-1422) में पकड़ा था। कार की तलाशी के दौरान 262 ग्राम चरस और एक इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन बरामद की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाहों की जांच की और साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराया।
जिला अधिवक्ता ने कहा कि यह सजा नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में एक सख्त संदेश है। सोलन पुलिस और प्रशासन नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। इस मामले में सजा आज सुनाई गई।


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