शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना द्वारा 14 मार्च 2025 को शिमला के पर्यटन निगम के होटल हॉली-डे-होम में आयोजित होली पार्टी ने विवाद खड़ा कर दिया है। इस पार्टी में करीब 75 आईएएस अधिकारियों और उनके परिजनों को लंच के लिए आमंत्रित किया गया था। लंच पार्टी का कुल बिल 1 लाख 22 हजार 20 रुपये का आया, जिसमें 22 चालकों के लंच का खर्च भी शामिल है। इस बिल को सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) को भेजा गया है, लेकिन अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिली है। पार्टी की तस्वीरें और बिल सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस पर सियासी हंगामा शुरू हो गया है।
बिल के विवरण के अनुसार, 75 लोगों के लंच और स्नैक्स पर 1 लाख 9 हजार 150 रुपये खर्च हुए, जबकि 22 चालकों के लंच का बिल 12,870 रुपये रहा। इस तरह, कुल खर्च 1 लाख 22 हजार 20 रुपये पहुंच गया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, जो वर्तमान में 31 मार्च 2025 से छह महीने के सेवा विस्तार पर हैं, ने इस पार्टी का आयोजन किया था। पार्टी में वरिष्ठ अधिकारियों और उनके परिवारों की मौजूदगी ने इसे और चर्चा का विषय बना दिया। सोशल मीडिया पर वायरल बिल और तस्वीरों ने इस आयोजन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर और रणधीर शर्मा ने इस आयोजन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे सरकारी खजाने का दुरुपयोग करार देते हुए कहा कि सरकार और नौकरशाही जनता से पूरी तरह कट चुकी है। विधायकों ने इस पार्टी को केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम 1964 का उल्लंघन बताया, जिसमें अधिकारियों से निष्ठा, ईमानदारी और निष्पक्षता की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के दौर में इस तरह की फिजूलखर्ची और मौज-मस्ती निंदनीय है। इसके अलावा, उन्होंने सरकार पर नैशनल हेराल्ड को 2.34 लाख रुपये का विज्ञापन देने का भी आरोप लगाया, जिसकी कोई प्रति हिमाचल में उपलब्ध नहीं है।
इस विवाद ने सरकारी खर्च और नौकरशाही की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता और विपक्ष सरकार से इस मामले में स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं, जबकि मुख्य सचिव की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।


No comments:
Post a Comment