हल्द्वानी: मैच देखते हनी प्रजापति से एक हजार रुपये मांग रहा था हमलावर, रात भर ढूंढती रही पुलिस - सत्यमेव जयते

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Monday, March 10, 2025

हल्द्वानी: मैच देखते हनी प्रजापति से एक हजार रुपये मांग रहा था हमलावर, रात भर ढूंढती रही पुलिस


हल्द्वानी। नगर के भीड़भाड़ वाले इलाके में सरेशाम दुकान में बैठे युवक हनी प्रजापति पर गोली चलाकर अधमरा करने के मामले में फिलहाल की पुलिस जांच में साफ हुआ है कि हमलावर युवक हनी से एक हजार रुपये की मांग कर रहा था। पुलिस की कई टीमें पूरी रात संभावित ठिकानों पर हमलावर को तलाश करती रही । 

वेलेजली लॉज निवासी 26 वर्षीय हनी प्रजापति की जजी कार्यालय के निकट वाहनों की डेंटिंग-पेंटिंग की दुकान है। रविवार शाम लगभग सात बजे वह इसी दुकान में बैठ कर  चैंपियंस ट्राफी में भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए फाइनल मैच का आनंद ले रहा था। उसके साथ उसका दोस्त विशाल सती भी इस वक्त वहां बैठा था।

भारत की पारी शुरू हुई तभी दबंगई दिखाते हुए पहुंचे युवक ने हनी से एक हजार रुपये की मांग की। हनी ने विरोध किया तो हमलावर ने बिना पल गंवाए रिवाल्वर निकाला और गोली मार दी। घर नजदीक था, ऐसे में परिवार के लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए और उसे गोद में ही उठाकर अस्पताल ले गए। वहां तत्काल इलाज शुरू होने से खतरा काफी हद टल गया।

बताया जा रहा है कि जिस युवक ने गोली मारी, वह भी हनी के मोहल्ले का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार आरोपी युवक गिरोह बनाकर लोगों से इस तरह की वसूली करता रहता है। वह लोगों से सौ से लेकर एक हजार रुपये की मांग करते हुए जहां तहां देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार नशे के लिए वह हमेशा रुपये मांगता रहता है। रविवार शाम भी ऐसा ही हुआ। उस युवक को पहले भी लोगों ने समझाया था, मगर वह उन्हीं लोगों से दुश्मनी रखने लगा। 

प्रत्यक्षदर्शियों का मानना है कि रविवार शाम की घटना सोची समझी साजिश थी। हमलावर ने पहुंचते ही उलझना शुरू कर दिया। रिवाल्वर भी वह हमले के इरादे से ही लाया था। यानी पूरी तैयारी थी। पैसे मांगना बहाना भी हो सकता है, ताकि विवाद हो जाए और वह अपने इरादे को अंजाम दे सके। हुआ भी यही। जैसे ही हनी को गोली लगी, वह चीखते हुए गिरा और उसके साथ मैच देख रहा दोस्त विशाल दूसरी तरफ गिरा। बाद में हल्ला मचाया तो हमलावर तो भाग गया लेकिन हनी लहूलुहान पड़ा रहा। उसके मामा, भाई व अन्य लोग पहुंचे तो वे उसे गोद में उठाकर अस्पताल ले गए। वहां तत्काल ही इलाज शुरू हो गया। 


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