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| म्यांमार में तबाह एक धर्मस्थल |
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| बैंकाक में ढही एक इमारत का मलबा |
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थाईलैंड—म्यांमार में दो शक्तिशाली भूकंपों से भारी तबाही, 50 से ज्यादा की मौत
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्व एशिया में शुक्रवार को आए दो तेज भूकंपों ने भारी तबाही मचाई। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में कई इमारतें हिल गईं, जिसमें एक निर्माणाधीन ऊंची इमारत देखते ही देखते ढह गई। भूकंप के झटकों से ऊंची इमारतों की छतों पर बने पूलों का पानी सड़कों पर बह निकला और कई जगहों से मलबा गिरने की खबरें सामने आईं। पड़ोसी देश म्यांमार और भारत की राजधानी दिल्ली व आसपास के इलाकों में भी झटके महसूस किए गए, जिससे लोग दहशत में आ गए।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) और जर्मनी के जीएफजेड भूविज्ञान केंद्र के अनुसार, दोपहर में आए भूकंप का केंद्र म्यांमार में 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर था। थाईलैंड के आपदा निवारण विभाग ने बताया कि भूकंप का केंद्र मध्य म्यांमार में मोनीवा शहर से लगभग 50 किलोमीटर (30 मील) पूर्व में स्थित था। भूकंप के झटके देश के लगभग सभी इलाकों में महसूस किए गए।
बैंकॉक में दोपहर 1:30 बजे भूकंप के दौरान इमारतों में अलार्म बज उठे। घबराए हुए लोग मध्य बैंकॉक की ऊंची इमारतों और होटलों से सीढ़ियों के रास्ते नीचे उतरे। दोपहर की तपती गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच लोग सड़कों पर जमा रहे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक निर्माणाधीन इमारत के ढहने के दृश्य दिखाई दिए, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
म्यांमार की राजधानी नेपीता में भूकंप से धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचा। कई धार्मिक इमारतों के हिस्से जमीन पर गिर गए और कुछ घर भी क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, म्यांमार में चल रहे गृहयुद्ध के कारण वहां से नुकसान की विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं हो सकी है।
थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा ने भूकंप के प्रभाव का आकलन करने के लिए आपातकालीन बैठक बुलाई है। ग्रेटर बैंकॉक क्षेत्र, जहां 1.7 करोड़ से अधिक लोग रहते हैं, में ऊंची इमारतों की मौजूदगी इस घटना को और गंभीर बनाती है। आपदा निवारण विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। भूकंप के बाद स्थिति पर नजर रखने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है।





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