धरती के भगवान: एम्स ऋषिकेश में चाइनीज मांझे से कटी गर्दन की सर्जरी, मरीज को मिली सांसें - सत्यमेव जयते

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Friday, March 28, 2025

धरती के भगवान: एम्स ऋषिकेश में चाइनीज मांझे से कटी गर्दन की सर्जरी, मरीज को मिली सांसें


ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश के ट्रॉमा सर्जरी विभाग ने एक बार फिर चिकित्सा क्षेत्र में कमाल कर दिखाया है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने चाइनीज मांझे से गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति की आधे से अधिक कटी गर्दन की जटिल सर्जरी कर उसे नया जीवन प्रदान किया। यह मामला ग्रेड 4 शॉक श्रेणी का था, जिसमें मरीज की भोजन नली, सांस नली और हृदय से मस्तिष्क तक रक्त पहुंचाने वाली दाहिनी ओर की कोशिकाएं पूरी तरह कट गई थीं। इस कारण मरीज का काफी खून बह चुका था।

चिकित्सकों ने बताया कि फरवरी माह में अब तक मांझे से घायल सात मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है। इनमें सबसे गंभीर मामला उत्तर प्रदेश के बिजनौर निवासी 43 वर्षीय नरेश कुमार का था। परिजनों के अनुसार, नरेश अपने बेटे की बीमारी का इलाज कराने के लिए बिजनौर से दुपहिया वाहन पर एम्स आ रहे थे। इसी दौरान हरिद्वार हाईवे पर चाइनीज मांझे की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत बिगड़ने पर वेंटिलेटर पर रखकर एम्स रेफर किया गया।

एम्स ट्रॉमा सेंटर की इमरजेंसी में पहुंचने पर नरेश की हालत बेहद नाजुक थी। उनके शरीर से बहुत अधिक खून बह चुका था, न ही बीपी था और न ही धड़कन चल रही थी। ट्रॉमा इमरजेंसी टीम ने तुरंत प्राथमिक जांच और उपचार शुरू किया। खून चढ़ाकर मरीज को स्थिर करने के बाद सर्जरी की गई। ट्रॉमा सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. कमर आजम, ट्रॉमा सर्जन डॉ. मधुर उनियाल और डॉ. नीरज कुमार की निगरानी में डॉ. रूबी के नेतृत्व वाली टीम ने यह जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया। टीम में डॉ. संतोष, डॉ. रोहित, एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. अंकिन और डॉ. रीना शामिल थे।

डॉ. रूबी ने बताया कि मांझे से मरीज की गर्दन बहुत गहराई तक कट गई थी, जिससे खाने की नली, सांस की नली और रक्त वाहिकाओं का पूरा तंत्र क्षतिग्रस्त हो गया था। सर्जरी के बाद मरीज को सात दिन तक आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया। अब वह सामान्य रूप से सांस ले रहा है, भोजन कर रहा है और बोलने में भी उसे कोई दिक्कत नहीं है। मरीज में सर्जरी के बाद किसी भी न्यूरोनल कमी (न्यूरोनल डेफिसिट) की शिकायत नहीं देखी गई।

इंसेट: घातक हो सकती है मांझे की चोट

एम्स के ट्रॉमा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मांझे से होने वाली चोटें जानलेवा हो सकती हैं। इससे बचाव के लिए उन्होंने दुपहिया वाहन चालकों को सलाह दी है कि वाहन चलाते समय मफलर बांधें और हेलमेट का उपयोग जरूर करें।


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