सोलन। प्राइवेट बीमा कंपनियों में फंसी धनराशि को वापस दिलाने के नाम पर सोलन के कथेड़ निवासी व्यक्ति को ठगने के दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने यूपी के बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया है। पहला आरोपी यूपी के देवरिया से पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में दोनों आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में है। अब पुलिस उनके बैंक खातों का विश्लेषण कर रही है।
सोलन के एसपी गौरव सिंह के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार सोलन के कथेड़ बाईपास निवासी अमर लाल शर्मा ने 3 मार्च 2024 को सोलन के सदर पुलिस थाने में तहरीर सौंप कर बताया कि 13 जुलाई 2022 को उन्हें किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया जिसने अपना नाम दीपक शर्मा बताया था। दीपक ने उनसेपूछा था कि क्या उनकी कुछ धनराशि प्राइवेट बीमा कंपनियों में फंसी है। इस पर अमरलाल ने बताया कि उनके क़रीब 4 लाख रुपये विभिन्न बीमा कम्पनियों में फंसे हुए हैं। इसके अगले ही दिन दीपक नामक व्यक्ति ने उसे दोबारा फोन किया और बताया कि वह उनकी धनराशि वापस दिलवा सकता है। लेकिन इसके लिए उन्हें उन्हें कुछ रुपये उसके खाते में जमा कराने होंगे। इसके बाद इसने कई बार अलग-अलग बैंक खातों में अनजान व्यक्ति को रुपये भेजे, परन्तु इसे कोई भी पैसा वापिस न मिला। इस तहरीर के आधार पर पुलिस थाना सदर सोलन 3 मार्च 2024 को धोखाधाड़ी का मामला दर्ज किया गया अैर मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस ने पड़ताल के दौरान सभी सबूतों को इकट्ठा किया और साइबर सेल ने संदिग्ध मोबाइल नम्बर की जानकारी जुटाई। इसके बाद यूपी के देवरिया के बरईपार पांडेय गांव निवासी एक आरोपी 24 वर्षीय विनय जायसवाल 10 जुलाई को उत्तर प्रदेश से गिरफतार कर लिया गया। पुलिस उसे बुलंदशहर से ट्रांजिट रिमांड पर सोलन लेकर आई। उससे गहनता से पूछताछ की गई। उसे 4 दिन की पुलिस हिरासत में लिया गया।
इस मामले में अभी तक किये गये अन्वेषण के दौरान एकत्र साक्ष्यों के विश्लेषण व पहले आरोपी विनय जायसवाल से पूछताछ के आधार पर थाना सदर पुलिस ने बुलंदशहर के एतमादपुर गांव निवासी 31 वर्षीय सचिन काक पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे तीन दिन के लिए पुलिस रिमांड में लिया गया है। इस मामले की जाँच के दौरान पाया गया है कि आरोपी विनय जायसवाल व सचिन लोगों के साथ बैंक लोन व बीमा राशि के नाम पर धोखाधड़ी करते थे । इस मामले में भी इन दोनों आरोपियों ने सोलन के अमरलाल से इनके प्राईवेट बीमा कम्पनियों में फंसे पैसों को दिलाने के एवज में इनसे करीब 04 लाख रूपयों की ठगी को अन्जाम दिया । जांच में यह भी पाया गया है कि आरोपी विनय जयसवाल व सचिन ने शिकायतकर्ता से ठगी गई उपरोक्त राशि को अपने-अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई थी। पुलिस अब इन आरोपियों के बैंक खातों का विश्लेषण कर रही है। सचिन के भी पूर्व अपराधिक रिकार्ड की भी पड़ताल की जा रही है । उन्होंने बताया मामले की जांच जारी है।


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