नालागढ़। पर्यावरण की बेहतरी की दिशा में काम करने के लिए दिल्ली में 4 फरवरी को सोलन जिला के 11 स्कूलों के साथ नालागढ़ के ब्वायज सीनियर सेकेंडरी स्कूल को भी ग्रीन अवाॅर्ड दिया जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए आवेदन आमंत्रित किए था।
जिसमें नालागढ़ के वही सीनियर सेकेंडरी स्कूल नालागढ़ का चयन किया गया है, दिल्ली में 4 फरवरी को एक कार्यक्रम के तहत हरित स्कूल के प्रयास के तहत चयनित स्कूलों को शील्ड व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया जाएगा। लगातार तीसरी बार स्कूल का चयन होने पर स्कूल प्रशासन और बच्चों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
शिक्षा निदेशालय पर्यावरण और हरित विद्यालय की बेहतरी के लिए अपने स्कूलों में विभिन्न हरियाली, पौधरोपण अभियान और जागरुकता कार्यक्रम चला रहा है। इसी संबंध में यह हरित पुरस्कार (ग्रीन पुरस्कार) दिया जाएगा।
इसके लिए स्कूल में ग्रीन एरिया, स्कूलों में पौधरोपण, वेस्ट मैनेजमेंट, प्लास्टिक फ्री स्कूल, इको क्लब गतिविधियों, सोलर पैनल, वर्षा जल संचयन प्रणाली को देखा गया गया । इस संबंध में निदेशालय ने सभी स्कूल प्राचार्यों को परिपत्र जारी कर सूचित किया था यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की गई और जिन स्कूलों का चयन हुआ उन्हें दिल्ली में बुलाकर ट्रॉफी और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया जाएगा।
इस बारे में ब्वायज सीनियर सेकेंडरी स्कूल नालागढ़ के प्रधानाचार्य जितेंद्र भारद्वाज का कहना है कि स्कूल के पर्यावरण को लेकर उनका स्कूल का चयन ग्रीन स्कूल कार्यक्रम के तहत चयनित किया गया है।
जिसको लेकर स्कूल की पर्यावरण कमेटी की कोऑर्डिनेटर और दो जाकर दिल्ली में 4 फरवरी को अवार्ड लेंगे। उनका कहना है कि आगे भी पर्यावरण को लेकर स्कूल अच्छा काम करता रहेगा। और पर्यावरण को लेकर समय-समय पर जागरूकता कैंप भी आयोजित किए जाते हैं।
इस बारे में मीडिया से बातचीत करते हुए पर्यावरण कोऑर्डिनेटर रंजन लता ने कहा है कि पर्यावरण को लेकर वह पिछले 3 सालों से लगातार काम कर रहे हैं और उनका स्कूल लगातार 3 वर्षों से ग्रीन कार्यक्रम के तहत चुना गया है। उनका कहना है कि स्कूल में जितनी भी एक्टिविटीज की जाती है वह पर्यावरण को देखकर की जाती है ताकि पर्यावरण को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान ना हो सके।


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