नालागढ़। हिमाचल प्रदेश में बनने वाली दवाई एक बार फिर मनको पर खड़ा नहीं उतरी है वहीं केंद्रीय ड्रग विभाग द्वारा दिसंबर माह का अलर्ट जारी किया गया है जिसमें हिमाचल प्रदेश में बनी दवाइयों के 38 सैंपल फिर फेल हो गए हैं। देशभर में दवाइयों के कुल 135 सैंपल फेल हुए हैं। इसमें हिमाचल में बनी दवाइयों की संख्या 38 है। जिन दवाइयों के सैंपल फेल हुए हैं, उसमें हार्ट, शूगर, किडनी, बी.पी. व एंटीबायोटिक सहित कई दवाइयां शामिल हैं। प्रदेश में सबसे अधिक दवाइयों के सैंपल बद्दी के उद्योगों के हुए हैं। आधा दर्जन उद्योग हैं, जिनकी दवाइयों के 2 या इससे अधिक सैंपल फेल हुए हैं। मजेदार बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए, जिनकी दवाओं के बार-बार सैंपल फेल हो रहे हैं। ड्रग विभाग द्वारा स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल को दी गई रिपोर्ट में बताया गया था कि करीब 20 उद्योगों के सैंपल बार-बार फेल हो रहे हैं। इस फेहरिस्त में करीब आधा दर्जन और उद्योग शामिल हो गए हैं।
सी.डी.एस.सी.ओ. से प्राप्त जानकारी के अनुसार बद्दी के 24, नालागढ़ के 4, पांवटा साहिब व कालाअम्ब के 3-3 तथा ऊना, कांगड़ा, बरोटीवाला व परवाणू के एक-एक उद्योग के सैंपल फेल हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में बन रही दवाइयों की गुणवत्ता कटघरे में खड़ी हो गई है। प्रदेश में हर माह दवाइयों के फेल हो रहे सैंपलों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इससे राज्य ड्रग विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में बनी दवाइयों के पिछले 7 माह में 177 सैंपल फेल हो चुके हैं, जबकि देश में जुलाई से जनवरी माह के बीच कुल दवाइयों के 563 सैंपल फेल हुए।
इन कंपनियों की दवाइयां मानक पर खरी नहीं उतरीं
जिन दवाइयों के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें बायोडिल फार्मास्यूटिकल नालागढ़ की डाइवैलप्रोएक्स के अलग-अलग बैच के 2 सैंपल फेल हुए हैं। ये दवाइयां सरकारी अस्पताल में सप्लाई की जाती हैं। कांगड़ा की सी.एम.जी. बायोटैक लिमिटेड की बीटाहिस्टाइन, नालागढ़ स्थित सिपला कंपनी की ओकामैट, एडमैड फार्मा बद्दी की पेंटाप्रोजोल, बद्दी की ऑर्चिड मेडलाइफ कंपनी की जिंक सल्फेट, झाड़माजरी बद्दी की वेडएसपी फार्मास्यूटिकल्स की अमोक्सीसाइलिन, बद्दी के काठा की केजन फार्मास्यूटिकल्स की पेंटोप्रॉजोल, गुल्लरवाला बद्दी की नॉक्स फार्मास्यूटिकल्स की सेफडॉक्साइन, बद्दी के थाना की मेडोफार्मा कंपनी की कैल्शियम कार्बाेनेट दवा, बद्दी के मखलूमाजरा स्थित मेक्टर बायोजिनिसिस की सिपैक्स-500, थाना बद्दी स्थित नेपच्यून लाइफ साइंसिस की टर्बिकेयर-250, इसी कंपनी की इंट्राकोनाजोल दवा, बद्दी के मखलूमाजरा स्थित सी.एस.डी. लाइफ साइंसिस की ट्रुबरी-एलएस, परवाणू के टकसाल स्थित एसेस लाइफ साइंसिस की सुक्राजम-ओ सस्पैंशन, बद्दी के गुल्लरवाला स्थित एफी पेरेंट्रियल की आयरन सुक्रोज इंजैक्शन, बद्दी के लोधीमाजरा स्थित अल्ट्रा ड्रग्स फार्मूलेशन्स कंपनी की जस्टकोफ-एलएस, सिरमौर के पांवटा साहिब की लैबोरेट फार्मास्यूटिकल्स की डेक्सामैथस-1 इंजैक्शन, सिरमौर के पांवटा साहिब की सेफनिक्स लाइफ साइंसिस की रेटराजिट-250, नालागढ़ के मैसा टिब्बा स्थित सीबी हैल्थकेयर की ब्रोकफ-डीएम, ऊना के हरोली स्थित एस्टेरिस्क हेल्थकेयर कंपनी की टेमकोफ-एलएस सिरप और बरोटीवाला की फोर्गो फार्मास्यूटिकल्स कंपनी की कैपिवॉश माऊथवॉश के सैंपल फेल हुए हैं।
इसके अलावा बद्दी के भटोलीकलां स्थित शमश्री लाइफ साइंसिस की मैरोपेनम इंजैक्शन-500, बद्दी के काठा स्थित एलाइंस बायोटैक्स के रैबेप्रॉजोल इंजैक्शन के 2 बैच, कांगड़ा की सी.एम.जी. बायोटैक प्राइवेट लिमिटेड की फैक्सोफेनाडाइन टेबलेट, नालागढ़ के मखलूमाजरा की मार्टिन एंड ब्राऊन बायोसाइंसिस की रेब्रिप्रॉजोल सोडियम इंजैक्शन, जिनोसिस फार्मास्यूटिकल्स की लिग्नोकैनी, बद्दी के काठा स्थित ओजोन फार्मास्यूटिकल्स की एक्सबैक्स सस्पैंशन के 2 बैच, बद्दी के भुड स्थित मेडिपोल फार्मास्यूटिकल्स की नोसकैपिन सिरप, सिरमौर के कालाअंब स्थित ओरिसन फार्मा इंटरनैशनल की टेल्मीसार्टन, सिरमौर के कालाअंब स्थित सिसटोल रेमिडिस कंपनी की एसाइक्लोविर टैबलेट, बद्दी के गुरुमाजरा स्थित ग्लिमेपिराइड टेबलेट, नालागढ़ की मार्टिन एंड ब्राऊन कंपनी की एल्बेंडाजोल टैबलेट, बद्दी की मेडिऑन प्राइवेट लिमिटेड की बोर्टेजोमिब, बद्दी के काठा स्थित अल्ट्रा ड्रग्स प्राइवेट लिमिटेड की पेंटोप्राॅजोल और बद्दी की लोन हैल्थकेयर कंपनी की पैरासिटामोल दवा के सैंपल फेल पाए गए हैं।



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