हल्द्वानी। हल्द्वानी ब्लॉक कार्यालय में बुधवार को पिता के मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने आईं दो सगी बहनों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा, जब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की व्यस्तता का हवाला देकर अधिकारियों ने उन्हें बार-बार टरकाया। गौलापार भगवतपुर निवासी देवराम आर्य की 23 जून को अचानक तबीयत बिगड़ने से मृत्यु हो गई थी।
उनकी बेटियां विनीता और खुशी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कई दिनों से चक्कर काट रही थीं। खुशी ने बताया कि परिवार दिल्ली शिफ्ट होने की तैयारी में है। स्कूल-कॉलेज में दाखिले और होम लोन चुकाने के लिए पिता के मृत्यु प्रमाणपत्र की जरूरत है।
लेकिन ब्लॉक कार्यालय में अधिकारियों द्वारा बार-बार 11 दिन बाद आने को कहा गया, जिससे दोनों बहनों का सब्र टूट गया। कार्यालय में ही दोनों ने अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई और फूट-फूटकर रोने लगीं। इसी दौरान एडीएम विवेक राय निरीक्षण के लिए ब्लॉक कार्यालय पहुंचे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीडीओ तनवीर असगर और सहायक विकास अधिकारी पंचायत ललित ग्वाल ने तुरंत कार्रवाई की। अधिकारियों ने खुद फॉर्म भरकर प्रक्रिया शुरू की। ललित ग्वाल ने बताया कि दोनों बहनों की शिकायत का प्राथमिकता से निस्तारण किया गया और गुरुवार तक मृत्यु प्रमाणपत्र परिवार को भेज दिया जाएगा।
पंचायत चुनाव की प्रक्रिया के चलते ब्लॉक कार्यालयों में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर, और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े नियमित कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस घटना ने प्रशासनिक कार्यों में देरी की समस्या को उजागर किया है।


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