चंडीगढ़। केदारनाथ हेलिकॉप्टर क्रैश में जान गंवाने वाले पायलट लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) राजवीर सिंह चौहान की मां विजयलक्ष्मी चौहान (58) का रविवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बेटे की असामयिक मृत्यु का गहरा सदमा वह सह न सकीं। दो हफ्तों से भी कम समय में परिवार पर दूसरी बड़ी त्रासदी ने परिजनों को गहरे शोक में डुबो दिया।
परिजनों के अनुसार, शनिवार सुबह विजयलक्ष्मी को अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रविवार को उनकी अंतिम यात्रा उनके паитृक घाट पर संपन्न हुई। बड़े बेटे चंद्रवीर सिंह चौहान ने बताया कि भाई राजवीर की मृत्यु के बाद मां मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गई थीं और दिन-रात उन्हें याद कर रोया करती थीं।
गौरतलब है कि 15 जून को आर्यन हेली एविएशन का हेलिकॉप्टर केदारनाथ से गुप्तकाशी लौटते समय गौरी माई खर्क के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में पायलट राजवीर सहित सभी सात लोगों की मृत्यु हो गई थी। शवों की पहचान अंगूठी, चेन और कंगन जैसे सामानों से की गई थी।
शोक सभा में बदला सम्मान समारोह
सर्व समाज की ओर से रविवार को राजवीर के सम्मान में 'मां भारती के वीर सपूत' कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित था, जिसमें नंदी बाबा मंदिर चौक और सड़क का नामकरण, तिरंगा यात्रा, हनुमान चालीसा पाठ और श्रद्धांजलि सभा शामिल थी। लेकिन विजयलक्ष्मी के निधन के कारण यह कार्यक्रम शोक सभा में बदल गया।
यह दुखद घटना न केवल चौहान परिवार, बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक गहरा आघात है, जो राजवीर की वीरता और बलिदान को हमेशा याद रखेगा।


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