अंकिता भंडारी हत्याकांड अपडेट: पुलकित, सौरभ और अंकित को आजीवन कारावास की सजा - सत्यमेव जयते

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Friday, May 30, 2025

अंकिता भंडारी हत्याकांड अपडेट: पुलकित, सौरभ और अंकित को आजीवन कारावास की सजा



कोटद्वार। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) ने शुक्रवार को तीनों आरोपियों—पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता—को हत्या के आरोप में दोषी मानते हुए उम्र कैद कीसजा सुनाई है। धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाने), 354 (महिला की गरिमा भंग करने) के तहत दोष सिद्ध किया।  इन पर 302, 201, 354, धाराओं में दोष सिद्ध हुआ है। वहीं, कोर्ट ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार रुपये का अर्थ दंड और अंकिता के परिजनों को चार लाख रुपये देने का फैसला भी कोर्ट ने सुनाया।

उधर, न्यायालय का फैसला आने से ऐन पहले भीड़ ने पुलिस प्रशासन द्वारा की गई बैरिकेडिंग को तोड़कर न्यायालय की ओर बढ़ने की भीड़ की कोशिश की। पुलिस पूरी ताकत से लोगों को अंदर जाने से रोकने का प्रयास कर रही है।

अदालत के फैसले पर पूरे उत्तराखंड और देश के लोगों की निगाहें टिकी थीं। कोटद्वार में इसके लिए पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए है। गढ़वाल मंडल के विभिन्न जनपदों से पुलिस फोर्स कोटद्वार बुलाई गई है। अदालत परिसर के बाहर की सड़कों पर बैरिकेडिंग लगाई गई है।

 अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों आरोपी दोषी करार, कोर्ट की कार्रवाई जारी

कोटद्वार। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) ने शुक्रवार को तीनों आरोपियों—पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता—को हत्या के मामले में दोषी ठहराया। कोर्ट ने इन पर धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाने), 354 (महिला की गरिमा भंग करने) के तहत दोष सिद्ध किया। अंतिम निर्णय की घोषणा जल्द होने की उम्मीद है। इस फैसले पर पूरे उत्तराखंड और देश की निगाहें टिकी थीं।

मामले की सुनवाई 30 जनवरी 2023 को शुरू हुई थी। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 500 पेज का आरोपपत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष ने 97 में से 47 अहम गवाहों को अदालत में पेश किया। 28 मार्च 2023 से गवाही शुरू हुई और 19 मई 2025 को अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बचाव पक्ष की दलीलों का जवाब देकर सुनवाई समाप्त की। कोर्ट ने 30 मई को फैसला सुनाने की तारीख तय की थी।

कोटद्वार में फैसले के दिन सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। कोतवाल रमेश तनवार ने बताया कि पौड़ी, देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और उत्तरकाशी से पुलिस बल और डेढ़ कंपनी पीएसी तैनात की गई। अदालत परिसर के बाहर सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई और बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित रहा। पुलिस और प्रशासन ने कई दौर की बैठकों और मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित की। अदालत परिसर छावनी में तब्दील हो गया, और वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखे रहे।

एसडीएम कोटद्वार सोहन सिंह सैनी ने अदालत के 200 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू कर निषेधाज्ञा जारी की। कोटद्वार में चार और पौड़ी में एक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए। इस क्षेत्र में समूह में प्रवेश, नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहा।

अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उनके कर्मचारियों पर अंकिता की हत्या का आरोप था। इस फैसले ने पीड़ित परिवार और समाज को न्याय की उम्मीद जगाई है। पुलिस और प्रशासन की सतर्कता ने सुनिश्चित किया कि फैसले के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो।


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