जोशीमठ : कार में थी बहन की लाश, भाई ने भी वहीं किया था सुसाइड, वजह हैरानी भरी - सत्यमेव जयते

Breaking

Thursday, April 10, 2025

जोशीमठ : कार में थी बहन की लाश, भाई ने भी वहीं किया था सुसाइड, वजह हैरानी भरी


जोशीमठ। चमोली जिले के जोशीमठ में सुभाई भविष्य बदरी मोटर मार्ग पर चांचडी गांव के पास जली कार में एक महिला का शव मिलने के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस घटना में लापता कार स्वामी संतोष कुमार सेनापति का शव भी घटनास्थल से 400 मीटर गहरी खाई में बरामद हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि आर्थिक तंगी और बार-बार रोजगार के असफल प्रयासों से परेशान भाई-बहन ने आत्महत्या कर ली।

जानकारी के अनुसार, 5 अप्रैल को सुभाई भविष्य बदरी मोटर मार्ग पर चांचडी गांव के पास एक टैक्सी कार में आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें एक महिला का शव पूरी तरह जल गया था। स्थानीय लोगों ने रविवार सुबह इसकी सूचना पुलिस को दी। जांच में पता चला कि जली हुई महिला श्वेता सेनापति थी, जो ओडिशा के रायगड़ा नगर की रहने वाली थी। कार स्वामी संतोष कुमार सेनापति उसका सगा भाई था, जो घटना के बाद से लापता था। शुरुआत में पुलिस को हत्या का शक था, लेकिन जांच में यह साफ हुआ कि यह आत्महत्या का मामला है।

पुलिस ने बताया कि संतोष और श्वेता आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। बेंगलुरु, कर्नाटक, हरिद्वार और ओडिशा में उनकी आर्थिक स्थिति खराब थी। दोनों ने कुछ समय पहले अपने मोबाइल और जेवर तक बेच दिए थे। स्थानीय लोगों से बातचीत में भी उन्होंने अपनी आर्थिक परेशानियों का जिक्र किया था। संतोष लंबे समय से असफलताओं के चलते नास्तिक हो गया था और मंदिरों या पूजा-पाठ में हिस्सा नहीं लेता था, जबकि उसकी बहन श्वेता धार्मिक प्रवृत्ति की थी।

पुलिस, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और डीडीआरएफ की संयुक्त टीम ने ड्रोन और डॉग स्क्वायड की मदद से जंगल में सर्च अभियान चलाया। गुरुवार को घटनास्थल से 50 मीटर आगे तपोवन की ओर 400 मीटर गहरी खाई में संतोष का शव बरामद हुआ। आईटीबीपी के जवानों ने रस्सियों के सहारे खाई में उतरकर शव को निकाला। शव के हाथ जले हुए थे और मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे जहर खाने की आशंका जताई जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए ज्योतिर्मठ लाया गया है। विसरा जांच के बाद ही जहर की पुष्टि हो सकेगी।

पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने बताया कि जांच में सामने आया कि दोनों ने पहले कीटनाशक पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की योजना बनाई। इसके बाद संतोष ने अपनी बहन के धार्मिक होने के चलते उसके अंतिम संस्कार के लिए कार में आग लगा दी और फिर खुद खाई में कूदकर जान दे दी। घटना के दिन संतोष अपनी बहन के साथ भविष्य बद्री मंदिर के बाहर खड़ा था।

जांच में यह भी पता चला कि दोनों भाई-बहन 11 अप्रैल को ढाक गांव के पांगर बासा होम स्टे से जाने की बात कहकर निकले थे। उनकी कहानी आर्थिक तंगी, बार-बार असफलता और अंत में आत्महत्या के फैसले तक की दर्दनाक दास्तां बयां करती है। इस घटना ने इलाके में सनसनी मचा दी है और आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया है।


No comments:

Post a Comment

advt

advt
ramesh chandr tamta