सोलन। चैत्र शुक्ल नवरात्रि के द्वितीय नवरात्रे पर सोलन के शूलिनी माता मंदिर परिसर में भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। नवरात्रि उत्सव मंडल और नव दुर्गा संकीर्तन मंडल के सदस्यों ने मिलकर मां ब्रह्मचारिणी और मां चंद्रघंटा के नवरात्रों को एक ही दिन में श्रद्धापूर्वक पढ़ा। इस विशेष अवसर पर दो नवरात्रों का संयोजन होने के कारण मंदिर में भक्तों का उत्साह चरम पर था।
भजनों से गूंजा मंदिर परिसर
सदस्यों ने विधिवत रूप से माता का श्रृंगार किया और पूजा-अर्चना की। इस दौरान 'गणपति वंदना', 'तू सच्ची सरकार', 'मां नू भेंट चढ़ावा', 'पलके ही पलके बिछेंगे', 'ओ भोला मेरे', 'चोला पहनो' जैसे भजनों से माहौल भक्तिमय हो गया। हरीश मारवाह, प्रदीप अंग्रेवर, राकेश अग्रवाल, विकास ओबराए, अमित ओबराए, किशन ग्रोवर, मोहन दत्त शर्मा, रमेश सिंगला, जगमोहन खन्ना, सुन्नी गुप्ता, छोटू, राज कुमार भारद्वाज, सुरेंद्र भट्टी, राजेश सूद, कुलदीप सिंगला सहित अन्य भक्तों ने माता के गुणगान में हिस्सा लिया।
मां के स्वरूप का वर्णन
मंडल के सदस्य और समाजसेवी मुकेश गुप्ता ने मां ब्रह्मचारिणी और मां चंद्रघंटा के स्वरूप का सूक्ष्म वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मां ब्रह्मचारिणी और मां चंद्रघंटा दुर्गा माता का तीसरा और चौथा रूप हैं, जो भक्तों को शक्ति और शांति प्रदान करती हैं। गुप्ता ने इस मौके पर सामाजिक संदेश देते हुए कहा, "आज हमारी युवा पीढ़ी नशे की दलदल में फंसती जा रही है। उन्हें धार्मिक, सामाजिक और देश सेवा के कार्यों में लगना चाहिए। नशे को त्यागकर स्वस्थ और सकारात्मक जीवन अपनाना जरूरी है।"
भक्तों में उत्साह
नवरात्रि के इस आयोजन ने शूलिनी माता मंदिर में भक्ति और एकजुटता का संदेश दिया। दो नवरात्रों का एक साथ आयोजन और भजनों की मधुर प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं के बीच खासा उत्साह पैदा किया। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक आस्था को मजबूत करने, बल्कि समाज में सकारात्मकता फैलाने का भी माध्यम बना।



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