देहरादून । केरल के कन्तुर निवासी मोहित महाजन के लिए देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल किसी फरिश्ते से कम नहीं बने। सहारनपुर से लक्सर आते वक्त मोहित का सारा सामान चोरी हो गया था, जिसमें उनका लैपटॉप, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी चीजें शामिल थीं। बेसहारा और परेशान मोहित ने पुलिस में शिकायत की, जहां से उन्हें जिलाधिकारी कार्यालय भेजा गया। डीएम से मिलकर अपनी आपबीती सुनाने वाले मोहित की मदद के लिए जिलाधिकारी ने तुरंत कदम उठाया और उन्हें घर पहुंचाने की पूरी व्यवस्था कर दी।
"मुझे विश्वास था, यहां समाधान मिलेगा"
मोहित ने डीएम सविन बंसल से मुलाकात के दौरान अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि सफर के दौरान सामान चोरी होने से वह पूरी तरह असहाय हो गए थे और घर लौटने का कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। डीएम से मदद की गुहार लगाते हुए मोहित ने कहा, "मुझे पूरा विश्वास था कि यहां से मेरा समाधान हो जाएगा।" उनकी बात सुनकर जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाई और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
टिकट और आर्थिक मदद से बनी राह आसान
जिलाधिकारी सविन बंसल ने मोहित के लिए ट्रेन टिकट की व्यवस्था कराई ताकि वह अपने घर केरल सुरक्षित पहुंच सकें। इसके साथ ही, उन्हें कुछ धनराशि भी प्रदान की गई ताकि सफर के दौरान किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। डीएम के इस मानवीय कदम से मोहित की मुश्किलें हल हुईं और वह अपने घर की ओर रवाना हो सके। घर पहुंचने से पहले मोहित ने जिलाधिकारी और उनके स्टाफ का दिल से आभार जताया।
संवेदनशीलता का परिचय
इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की संवेदनशीलता को उजागर किया। मोहित जैसे जरूरतमंद की मदद के लिए डीएम का त्वरित निर्णय न सिर्फ उनकी परेशानी का समाधान बना, बल्कि यह भी दिखाया कि सही समय पर सहायता किसी की जिंदगी में कितना बड़ा बदलाव ला सकती है। मोहित ने देहरादून प्रशासन की इस सहृदयता को यादगार बताते हुए कहा कि वह इस मदद को कभी नहीं भूलेंगे।


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