ट्रंप के टैरिफ बयान से भारतीय शेयर बाजार में हलचल, फार्मा सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर - सत्यमेव जयते

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Wednesday, April 9, 2025

ट्रंप के टैरिफ बयान से भारतीय शेयर बाजार में हलचल, फार्मा सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर


नई दिल्ली। बुधवार, 9 अप्रैल 2025 को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की। सेंसेक्स 123 अंकों की गिरावट के साथ 74,103.83 पर खुला, जबकि निफ्टी 75 अंकों की कमजोरी के साथ 22,460.30 पर रहा। बाजार खुलते ही फार्मा सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई, जिसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ताजा बयान रहा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जल्द ही फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स पर भारी टैरिफ लगाएगा, ताकि दवा कंपनियां अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोत्साहित हों। इस बयान ने ग्लोबल और भारतीय शेयर बाजारों में हलचल मचा दी।

बाजार पर दबाव, फार्मा स्टॉक्स धराशायी

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 302 अंक (0.41%) गिरकर 73,939 पर और निफ्टी 107 अंक (0.48%) टूटकर 22,433 पर ट्रेड कर रहा था। न सिर्फ लार्जकैप, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट का दौर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 436 अंक (0.87%) लुढ़ककर 49,402 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 150 अंक (0.98%) टूटकर 15,238 पर आ गया।

ट्रंप के इस फैसले का सबसे बड़ा झटका भारतीय फार्मा कंपनियों को लगा, जो अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं। भारत दवाओं का सबसे बड़ा सप्लायर होने के नाते इस टैरिफ नीति से सीधे प्रभावित होगा। सन फार्मा (2.27% गिरकर ₹1650), ल्यूपिन (2.40% गिरकर ₹1935), डॉ. रेड्डीज (1.21% गिरकर ₹1094.5), और औरोबिंदो फार्मा (3.73% गिरकर ₹1056.10) जैसे प्रमुख शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। ग्लैंड फार्मा (2.49% गिरकर ₹1390) और बायोकॉन (2.06% गिरकर ₹315.65) भी दबाव में रहे। सिप्ला, ग्लेनमार्क, लॉरस लैब्स और अजंता फार्मा जैसे अन्य स्टॉक्स भी गिरावट से नहीं बच सके।

सेक्टोरल प्रदर्शन: ऑटो-एफएमसीजी में तेजी, फार्मा-आईटी में कमजोरी

सेक्टोरल मोर्चे पर ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर में बढ़त देखी गई, जबकि आईटी, पीएसयू बैंक, फार्मा, मेटल, रियल्टी, इंफ्रा और कमोडिटीज सेक्टर दबाव में रहे। सेंसेक्स के टॉप गेनर्स में पावर ग्रिड, नेस्ले, एचयूएल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईटीसी, एशियन पेंट्स और भारती एयरटेल शामिल रहे। वहीं, टॉप लूजर्स में मारुति सुजुकी, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस और सन फार्मा रहे।

ग्लोबल मार्केट में भी गिरावट का असर

मंगलवार को अमेरिकी बाजार में भारी गिरावट देखी गई। डाउ जोन्स 2000 अंकों से नीचे आकर 320 अंक गिरावट के साथ बंद हुआ। S&P 500 में 1.6% और नैस्डैक में 2.15% की कमजोरी रही। इस गिरावट का असर बुधवार को एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। जापान का निक्केई 225 3.14% और टॉपिक्स इंडेक्स 3.26% टूटा। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1% से ज्यादा गिरकर बेयर मार्केट में प्रवेश कर गया।

निवेशकों की नजर आगे के घटनाक्रम पर

ट्रंप की टैरिफ नीति का ऐलान औपचारिक रूप से लागू होने के बाद भारतीय फार्मा कंपनियों पर इसका और गहरा असर पड़ सकता है। निवेशक अब ग्लोबल और घरेलू संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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