हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में पथरी के इब्राहिमपुर गांव स्थित गणपति केमिकल फैक्ट्री में सोमवार देर रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। करीब नौ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार सुबह 8 बजे आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन इस हादसे ने फैक्ट्री मालिक समेत दो लोगों की जान ले ली। एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है, जबकि दो अन्य कर्मचारी अब भी लापता बताए जा रहे हैं। आग से फैक्ट्री को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
हादसा रविवार रात करीब 9 बजे उस वक्त हुआ, जब बहादराबाद क्षेत्र में इब्राहिमपुर मार्ग पर स्थित इस फैक्ट्री में अचानक धमाके के साथ आग की लपटें उठने लगीं। आग इतनी भयावह थी कि आसपास के गांवों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज कई किलोमीटर तक सुनाई दी। सूचना मिलते ही मायापुर, सिडकुल और आसपास के इलाकों से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मध्यरात्रि तक घटनास्थल पर डटे रहे। करीब 11 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुबह 8 बजे आग पर काबू पाया गया, लेकिन फैक्ट्री के अंदर अभी भी बचाव कार्य जारी है।
पुलिस कप्तान प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने मंगलवार सुबह अपने अधीनस्थों के साथ घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मृतकों में एक की पहचान फैक्ट्री मालिक महेश चंद्र अग्रवाल के रूप में हुई है, जो ज्वालापुर के हरिलोक फेस-2 के निवासी थे। दूसरे मृतक संजय थे, जो उत्तर प्रदेश के राजनगर जिले के नवाबनगर के रहने वाले थे और फैक्ट्री में श्रमिक के तौर पर काम करते थे। घायल कर्मचारी जोगेंद्र सैनी, जो लक्सर के रायसी गांव का निवासी है, को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
फैक्ट्री की तलाशी के दौरान बाथरूम से एक शव बरामद हुआ, जिसके पास ही दूसरा शव भी मिला। पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में रसायन मौजूद थे, जिसके कारण आग बार-बार भड़क रही थी। रसायनों की वजह से धुआं और गर्मी इतनी ज्यादा थी कि दमकल कर्मियों को अंदर घुसने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। आग बुझने के बाद भी फैक्ट्री के अंदर रसायनों का खतरा बना हुआ है, जिसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन को सावधानी से अंजाम दिया जा रहा है।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि फैक्ट्री में रखे केमिकल्स में शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य वजह से विस्फोट हुआ होगा, जिसने आग को भयानक रूप दे दिया। उन्होंने कहा, "हादसे की पूरी पड़ताल की जा रही है। लापता कर्मचारियों की तलाश जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आग लगने की असल वजह क्या थी।"
स्थानीय लोगों का कहना है कि गणपति केमिकल फैक्ट्री में पहले भी सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इस हादसे के बाद प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर रसायन बनाने वाली फैक्ट्री में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे। फिलहाल, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें फैक्ट्री के मलबे में लापता कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं, जबकि प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मुद्दा गंभीरता से उठा दिया है।
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हरिद्वार: कैमिकल फैक्टरी में भीषण आग, तीन कर्मचारी फंसे, बचाव अभियान जारी
हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में पथरी थाना क्षेत्र के ग्राम इब्राहिमपुर स्थित एक कैमिकल फैक्टरी में रविवार देर रात भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे लपटें और धुएं का गुबार दूर तक आसमान में दिखाई देने लगा। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया।
एसपी सिटी पंकज गैरोला ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा, "कैमिकल फैक्टरी में आग लग गई थी। एक व्यक्ति झुलस गया है, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। आग बुझाने के प्रयास जारी हैं।" जानकारी के मुताबिक, फैक्टरी में उस समय कई कर्मचारी मौजूद थे, जिनमें से तीन के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। एक कर्मचारी को झुलसी हालत में निकाला गया और उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया।
आग की भयावहता को देखते हुए मायापुर फायर स्टेशन सिडकुल के साथ-साथ आसपास के फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं। दमकल विभाग की टीमें आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन ज्वलनशील रसायनों के कारण आग बुझाने में मुश्किलें आ रही हैं। स्थानीय लोगों ने भी घटना की सूचना मिलते ही बचाव कार्य में मदद शुरू कर दी।
आज सुबह सवा आठ बजे तक मिली जानकारी के अनुसार ताजा जानकारी के अनुसार, बचाव अभियान अभी भी जारी है। दमकल विभाग ने आग पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त संसाधन मंगवाए हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन प्रारंभिक जांच में रसायनों के अनुचित भंडारण या शॉर्ट सर्किट को वजह माना जा रहा है। घायल कर्मचारी की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि फंसे हुए अन्य कर्मचारियों को निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। आसपास के इलाकों को खाली कराया जा रहा है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
यह घटना हरिद्वार के औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर रही है। प्रशासन ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। आगे की जानकारी की प्रतीक्षा है।


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