चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के तीसा विकास खंड की सनवाल पंचायत में सेब के पौधों की खरीद-फरोख्त में अनियमितता के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज सचिव ने तत्कालीन बीडीओ तीसा, मनीष कुमार, को निलंबित कर दिया है। वर्तमान में भटियात विकास खंड में तैनात मनीष कुमार को निलंबन के बाद शिमला हैडक्वार्टर शिफ्ट किया गया है, जहां उन्हें आगामी आदेशों तक रुकने को कहा गया है। इससे पहले सनवाल पंचायत के प्रधान को भी निलंबित किया जा चुका है, हालांकि उन्होंने बाद में स्टे प्राप्त कर लिया था।
मामले के अनुसार, सनवाल पंचायत में 1.25 करोड़ रुपये की लागत से 48,000 सेब के पौधे रोपे जाने थे, लेकिन जांच में केवल 19,000 पौधे ही पाए गए। इन पौधों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए करीब 200 लोगों से पूछताछ शुरू की है, जो पौधे लेने में शामिल थे। तीसा थाने में बुलाकर की जा रही पूछताछ के बाद पुलिस लोगों की जमीन की पैमाइश करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि लिए गए पौधों का वास्तव में रोपण हुआ या नहीं।
पुलिस ने वर्तमान और पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच में पूर्व पंचायत प्रतिनिधि के परिवार के बैंक खाते में करीब 1.5 करोड़ रुपये के लेन-देन की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस इस मामले में गहन जांच कर रही है और जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है। यह घोटाला स्थानीय प्रशासन और पंचायती व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी को उजागर करता है।


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