हल्द्वानी। अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों और दलितों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए युवा नेता हेमन्त साहू और पार्षद एडवोकेट धर्मवीर के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने बुधवार को हल्द्वानी के एसडीएम कोर्ट में जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी कर प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया और एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारी जवाहर नगर, राजपुरा के वार्ड 13, 14 और 15 के निवासी थे, जहां प्रशासन और वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। पार्षद एडवोकेट धर्मवीर ने कहा कि इन क्षेत्रों में गरीब और दलित परिवार वर्षों से पक्के मकानों में रह रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी कीमत पर इन घरों को तोड़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई से लोगों में डर का माहौल है, जो पूरी तरह से गलत है।
युवा नेता हेमन्त साहू ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इन बस्तियों को 20-25 साल से सरकार और नगर निगम द्वारा बिजली, पानी, सड़क जैसी सभी सुविधाएं दी जा रही हैं। लोगों के पास 15-20 साल पुराने बिजली और पानी के बिल मौजूद हैं, जो साबित करते हैं कि इन बस्तियों को प्रशासनिक मान्यता प्राप्त है। साहू ने कहा, “हम एक भी ईंट टूटने नहीं देंगे, चाहे इसके लिए हमें किसी भी हद तक जाना पड़े। प्रशासन का यह उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी जिंदगी भर की कमाई से ये घर बनाए हैं। इन बस्तियों में मंदिर भी बने हैं, जो उनकी आस्था का केंद्र हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के प्रशासन द्वारा मकान खाली कराने की कार्रवाई न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि अमानवीय भी है। उन्होंने मांग की कि उनकी बस्तियों को नियमित किया जाए और उन्हें बेघर करने की कोशिश बंद की जाए।
प्रदर्शन में पार्षद सलमान, राकेश लाला, बंटी कुमार, लखन कुमार, सतपाल बाल्मीकि, विजय हाबुड़ा, अतर सिंह, अभिषेक हाबुड़ा, अरमान खान, नासिर कुरैशी, करुण, निशा, यामीन कुरैशी, तस्लीम कुरैशी, मोहन सिंह और गंगा देवी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस प्रदर्शन ने स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है और लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा।



No comments:
Post a Comment