हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार वन प्रभाग ने पथरी क्षेत्र में वन्यजीवों का शिकार करने की साजिश रच रहे दो शिकारियों को धर दबोचा। सोमवार रात हरिद्वार रेंज में चलाए गए सघन गश्त और एन्टी-पोचिंग अभियान के दौरान नसरत अली (मुस्तफाबाद, हरिद्वार) और बहादुर (सुभाष विहार, दिल्ली) को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से एक बंदूक, चाकू और अन्य सामान बरामद हुआ। उनके खिलाफ भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
मंगलवार को वन प्रभागीय कार्यालय में डीएफओ वैभव कुमार सिंह ने बताया कि पिछले कुछ समय से गोपनीय सूचनाएं मिल रही थीं कि पथरी क्षेत्र में शिकारी सक्रिय हैं। इसके आधार पर एसडीओ पूनम कैंथोला, रेंजर शैलेंद्र सिंह नेगी, वन दरोगा अरविंद, आरक्षी योगेश और रोहित सैनी की विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने सघन गश्त और निगरानी शुरू की, जिसके परिणामस्वरूप सोमवार रात दोनों आरोपियों को पथरी आरक्षित वन क्षेत्र में शिकार की घात लगाते हुए पकड़ा गया।
प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी वन्यजीव तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। डीएफओ ने बताया कि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और इस नेटवर्क का पता लगाने के लिए वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम गठित की जाएगी। बरामद हथियार और सामान की जांच से शिकारियों की योजना का और खुलासा होने की उम्मीद है।
यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण के लिए वन विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। स्थानीय लोग इस अभियान की सराहना कर रहे हैं, लेकिन क्षेत्र में तस्करी के बढ़ते खतरे ने चिंता भी बढ़ा दी है। जांच जारी है।


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