बाप रे : सोने की कीमतें एक लाख प्रति दस ग्राम पहुंचा - सत्यमेव जयते

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Tuesday, April 22, 2025

बाप रे : सोने की कीमतें एक लाख प्रति दस ग्राम पहुंचा


नई दिल्ली। सोने की कीमतों ने मंगलवार को नए रिकॉर्ड बनाए, जब यह 2,048 रुपये (2.1%) की उछाल के साथ 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर अनुबंध 2,016 रुपये (2.04%) बढ़कर 1,00,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक गया, जबकि जून अनुबंध 2,079 रुपये (2.14%) की तेजी के साथ 99,358 रुपये पर बंद हुआ। सोमवार को यह 1,838 रुपये (1.88%) बढ़कर 99,790 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जिसमें 2,492 लॉट की ओपन इंटरेस्ट थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोना चमका। सोना वायदा 83.76 डॉलर (2.44%) उछलकर 3,509.06 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, हालांकि बाद में यह 65.95 डॉलर (1.93%) की बढ़त के साथ 3,491.25 डॉलर पर स्थिर हुआ। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फेडरल रिजर्व नीतियों में सुधार की घोषणा और वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंकाओं ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर आकर्षित किया। ट्रंप ने सोमवार को फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में तत्काल कटौती की मांग दोहराई, चेतावनी दी कि देरी से अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आ सकती है।
विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि फेडरल रिजर्व ट्रंप के दबाव में ब्याज दरों में कटौती करता है, तो सोने की कीमतें अगले छह महीनों में 1,05,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं। इसके विपरीत, यदि वैश्विक बाजारों में स्थिरता लौटती है, तो कीमतें 95,000 रुपये तक नीचे आ सकती हैं। भारत में त्योहारी सीजन और शादी-विवाह की मांग भी सोने की कीमतों को समर्थन दे रही है, जिससे स्थानीय बाजारों में मांग में 10-15% की वृद्धि की उम्मीद है।
वैश्विक अनिश्चितताओं, जैसे मध्य पूर्व में तनाव और यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं की कमजोरी, के कारण निवेशक सोने को सुरक्षित ठिकाना मान रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ महीनों में सोने की चमक और बढ़ सकती है, खासकर यदि ट्रंप की नीतियां वैश्विक व्यापार को अस्थिर करती हैं। हालांकि, कुछ विश्लेषक चेतावनी दे रहे हैं कि अचानक नीतिगत बदलाव से कीमतों में अस्थिरता भी बढ़ सकती है।
भारत में उपभोक्ताओं के लिए यह उछाल चिंता का विषय बन सकता है, क्योंकि ज्वैलरी की कीमतें बढ़ने से मांग पर असर पड़ सकता है। फिर भी, निवेश के दृष्टिकोण से सोना अभी भी आकर्षक बना हुआ है।

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