तेजपाल नेगी
देहरादून। उत्तराखंड में आयोजित किए गए राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन और उत्तराखंड का टीम व व्यक्तिगत स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन को लेकर सरकार अभी तक अपनी पीठ थपथपाने से पीछे नहीं हट रही लेकिन एक आरटीआई ने सरकार की खुशी को कम करने का काम किया है। दरअसल इस राष्ट्रीय खेलों में कम से कम दो खिलाड़ी चिन्हित हुए हैं जो सेना में नौकरी कर रहे हैं और प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए उन्होंने सेना से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली।
देहरादून के वरिष्ठ पत्रकार राजू गुसाईं ने हाल ही में सेना से आरटीआई के तहत जानकारी हासिल की। उन्होंने पूछा था कि राष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने वाले सेना के तीनों अंगों से कुल कितने खिलाडियों को उत्तराखंड के लिए खेलने की अनुमति प्रदान की गई थी। सर्विस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की ओर से दी गई जानकारी में कुल 24 खिलाड़ियों की सूची उन्हें दी गई है। जिसमें थल सेना, जल सेना और नौ सेना के खिलाडियों के नाम व पद दिए गए है। साथ ही यह भी बताया गया है कि इन खिलाड़ियों ने किस स्पर्धा में हिस्सा लिया। 24 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने के लिए सेना खेल नियंत्रण बोर्ड से अनुमति ली थी। 24 खिलाड़ियों में से एक-एक खिलाड़ी मुक्केबाजी, निशानेबाजी, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स में, 2 फुटबॉल में, 8 रोइंग में और दस हैंडबॉल में थे।
रोइंग स्पर्धा के सभी पदक विजेता सेना के थे। यहां तक कि उत्तराखंड की पुरुष हैंडबॉल टीम ने टीम स्पर्धा और बीच हैंडबॉल में जो दो पदक जीते, वे भी भारतीय वायु सेना के थे। उत्तराखंड की फुटबॉल टीम ने राष्ट्रीय खेलों में रजत पदक जीता, जिसमें सेना के दो खिलाड़ी शामिल थे।
उत्तराखंड ने रोइंग में तीन पदक जीते- दो रजत और एक कांस्य पदक- सेना के खिलाड़ियों की बदौलत। उत्तराखंड की पुरुष हैंडबॉल टीम ने बीच हैंडबॉल में रजत और कांस्य पदक जीता।
लेकिन इसके अलावा भी कुछ खिलाड़ी थे जो सेना में होते हुए इस प्रतियोगिता में शामिल हुए और पदक भी जीते। लेकिन इन खिलाड़ियों के नाम आरटीआई के तहत दी गई सूची में शामिल नहीं हैं। ऐसे ही दो खिलाड़ियों पर सबकी नजरें ठहरी हुई हैं।
इस मामले में राजू गुसाईं कहते हैं कि हाल ही में संपन्न हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने रिकॉर्ड 103 पदक जीते और पदक तालिका में 7वें स्थान पर रहा। 25वें स्थान से 7वें स्थान पर आना आश्चर्यजनक है। सिर्फ़ एक महीने का कैंप आयोजित करके और बुनियादी ढाँचा तैयार करके कोई राज्य चैंपियन नहीं बना सकता।
हमने पदक विजेताओं के बारे में इंटरनेट पर कुछ बुनियादी शोध किया और पाया कि उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले और पदक जीतने वाले कई बाहरी खिलाड़ी/टीम हैं।
हालांकि सेना में इस तरह बिना अनुमति के किसी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने को अनुशासनहीनता माना जाता है। लेकिन इस मामले में सेना और उत्तराखंड सरकार क्या कदम उठाती हैं देखना होगा। ये हैं वे खिलाड़ी जिनका नाम सूची में है ही नहीं।
1) नरेंद्र बेरवाल ने 2022 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता। वह हरियाणा के मूल निवासी हैं और भारतीय सेना में कार्यरत हैं। उन्होंने राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया और मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीता।
2) बॉम्बे सैपर्स गौरव दुहून (ग्रीको-रोमन) ने भी सेना से अनुमति लिए बिना उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने बिश्केक, किर्गिस्तान 2022 में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में 55 किलोग्राम FS (अंडर-17) में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों में कांस्य पदक जीता।
3) उत्तराखंड के लिए वुसु में स्वर्ण जीतने वाले अचोम तापस मणिपुर से हैं। वह 2023 में 11वीं एशियाई जूनियर वुशु चैंपियनशिप में भारतीय टीम के सदस्य थे।
4) एलंगबाम इटली चानू ने गोवा राष्ट्रीय खेलों में वुसु में मणिपुर के लिए पदक जीता और इस बार उत्तराखंड के लिए पदक जीता।
5) महारबाम फेबेरिस देवी मणिपुर की वुसु खिलाड़ी हैं। वह भारतीय खेल प्राधिकरण (मणिपुर) की प्रशिक्षु हैं।
6) रीना सेन ने गोवा राष्ट्रीय खेलों में कैनोइंग और कयाकिंग स्पर्धा में महाराष्ट्र राज्य के लिए स्वर्ण पदक जीता। इस साल उन्होंने उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया और स्वर्ण पदक जीता।
7) धीरज कीर, जिन्होंने उत्तराखंड के लिए स्लैलम में रजत पदक जीता, मध्य प्रदेश से हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मीट में भारत के लिए भाग लिया है।
8) प्रभात कुमार ITBP में कार्यरत हैं। उन्होंने कैनोइंग और कयाकिंग (पुरुष स्प्रिंट K1 1000M) में उत्तराखंड के लिए स्वर्ण पदक जीता।
9) मीरा दास ने 2018 में जकार्ता एशियाई खेलों में भाग लिया और इस बार उत्तराखंड के लिए भाग लिया और कैनोइंग और कयाकिंग (महिला स्प्रिंट C1 200M) में स्वर्ण पदक जीता।
10) पुखरामबम रोजी देवी मणिपुर से हैं जो ओडिशा में प्रशिक्षण लेती हैं। उन्होंने चौथे खेलो इंडिया यूथ गेम्स में तीन स्वर्ण पदक जीते और गोवा नेशनल गेम्स में कयाकिंग में कांस्य पदक जीता। उन्होंने 2023 में समरकंद (उज्बेकिस्तान) में जूनियर और अंडर-23 एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता। उन्होंने 2025 के राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के लिए स्वर्ण पदक जीता
(इस मामले में अभी सेना, सरकार या खिलाड़ियों की ओर से हमें कोई स्पष्टीकरण नहीं मिला है। यदि दिया गया तो उसे भी पाठकों के सामने रखा जाएगा।)


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