शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र में ज्वाला माता मंदिर के पास शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक जेसीबी मशीन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में जेसीबी ऑपरेटर सहित दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, और हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
हादसा ढली थाना क्षेत्र के तहत संजौली में ज्वाला माता मंदिर के निकट हुआ। जानकारी के मुताबिक, जेसीबी ऑपरेटर सुक्खदेव राणा उर्फ बंटी, जो पंजाब के रोपड़ जिले के रहने वाले थे, ने वाहन का नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते मशीन सड़क से फिसलकर खाई में गिर गई। जेसीबी में ऑपरेटर सहित चार लोग सवार थे। हादसे में सुक्खदेव राणा और किन्नौर निवासी हरिनाम नेगी की मौके पर ही गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई।
घायलों में पंजाब के रोपड़ निवासी चरणजीत सिंह और बिहार के नीरज शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को तुरंत 108 एम्बुलेंस की मदद से शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) ले जाया गया। अस्पताल में चरणजीत और नीरज का इलाज चल रहा है, और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में बताया कि हादसा रात के समय हुआ, और संभवतः खराब सड़क या ऑपरेटर की लापरवाही इसके कारण हो सकती है। हालांकि, सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। ढली थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 125, 125ए और 109 के तहत मामला दर्ज किया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ज्वाला माता मंदिर के आसपास की सड़कें संकरी और खतरनाक हैं, जिसके चलते इस तरह के हादसे अक्सर होते हैं। उन्होंने प्रशासन से सड़क की मरम्मत और सुरक्षा उपायों को लागू करने की मांग की है।
इस हादसे ने शिमला में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी इलाकों में जेसीबी जैसी भारी मशीनों का उपयोग आम है, लेकिन इनके संचालन में सावधानी की कमी जानलेवा साबित हो रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सड़क पर वाहन चलाते समय सतर्क रहें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।


No comments:
Post a Comment