रांची/जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर में एक संयुक्त पुलिस ऑपरेशन में ढाई लाख रुपये के इनामी शूटर अनुज कन्नौजिया को मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (यूपी एसटीएफ) और झारखंड की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने मिलकर अंजाम दी। कन्नौजिया कुख्यात अपराधी मुख्तार अंसारी के गैंग का प्रमुख सदस्य था और कई सालों से फरार चल रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गोविंदपुर इलाके में कन्नौजिया की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद दोनों राज्यों की पुलिस टीमें उसे पकड़ने पहुंचीं। जैसे ही उसे घेरने की कोशिश की गई, कन्नौजिया ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें वह मारा गया। मुठभेड़ के दौरान यूपी एसटीएफ के एक डीएसपी को भी गोली लगी, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत अब स्थिर है।
पुलिस को शक था कि कन्नौजिया जमशेदपुर में छिपकर किसी बड़ी आपराधिक घटना की योजना बना रहा था। मौके से एक पिस्टल भी बरामद की गई है। यह घटना मुख्तार अंसारी की मौत की पहली बरसी के ठीक बाद हुई है, जिसे अधिकारियों ने संगठित अपराध के खिलाफ सख्त चेतावनी बताया है।
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले का निवासी कन्नौजिया मुख्तार अंसारी का भरोसेमंद शूटर था। उसके खिलाफ हत्या, उगाही और अपहरण जैसे 24 से ज्यादा मामले दर्ज थे। पांच साल तक फरार रहने के बाद उस पर इनाम की राशि 1 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी गई थी। पुलिस ने उसकी तलाश में पहले आजमगढ़ स्थित उसके घर को ध्वस्त कर दिया था और परिवार के कई सदस्यों को गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल भेजा था।
यह मुठभेड़ यूपी और झारखंड पुलिस के बीच समन्वित प्रयासों का नतीजा है, जो लंबे समय से कन्नौजिया को पकड़ने के लिए दबाव बना रही थीं।


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