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| File Photo |
डोईवाला। लच्छीवाला टोल प्लाजा को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग को लेकर रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। आक्रोशित कांग्रेसियों ने टोल प्लाजा पर जमकर प्रदर्शन किया और सरकार पर जनता के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर 10 दिनों के भीतर टोल प्लाजा हटाने का फैसला नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन शुरू होगा। प्रदर्शन के बाद डोईवाला एसडीएम के जरिए केंद्रीय परिवहन मंत्री को ज्ञापन भेजा गया। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मौके पर पहुंचकर कहा कि पिछले सोमवार को टोल प्लाजा पर डंपर की टक्कर से कार सवार दो लोगों की मौत हुई थी, जिसकी वजह टोल पर मानकों की अनदेखी है। उन्होंने सरकार से माफी और मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग की।
परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि तेज ढलान पर बना यह टोल प्लाजा भारी वाहनों के लिए खतरा बना हुआ है। अनियंत्रित रफ्तार की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं, मगर सरकार और प्रशासन आंखें मूंदे हुए हैं। उन्होंने 24 मार्च के हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। पीसीसी सदस्य गौरव चौधरी ने टोल टैक्स की बढ़ी दरों पर नाराजगी जताई और कहा कि महंगाई से जूझ रही जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी ने आरोप लगाया कि वन क्षेत्र और एलीफेंट कॉरिडोर में बने इस टोल प्लाजा के लिए नियमों को ताक पर रखा गया, लेकिन जन सुविधाओं के लिए वन विभाग के मानक बाधा बनते हैं।
उधर, राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (आरआरपी) ने भी उसी दिन टोल प्लाजा पर प्रदर्शन कर सरकार को घेरा। पार्टी ने टोल हटाने या टैक्स आधा करने की मांग उठाई और एसडीएम अपर्णा ढौंढ़ियाल को ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि गढ़वाल के वाहन सिर्फ 12 किलोमीटर रोड इस्तेमाल करते हैं, लेकिन 37 किलोमीटर का टोल टैक्स वसूला जा रहा है। हरीश रावत ने इस आंदोलन को भी समर्थन दिया और कहा कि टोल के खिलाफ सभी पार्टियां एकजुट हैं।
प्रदर्शन में कांग्रेस और आरआरपी के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस से हेमा पुरोहित, मोहित उनियाल, गौरव चौधरी, करतार नेगी सहित कई नेता मौजूद रहे, वहीं आरआरपी से सुलोचना ईस्टवाल, जाहिद अंजुम, कनिष्क देवेंद्र कंडारी जैसे कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। दोनों पक्षों ने सरकार पर जनविरोधी नीतियों का आरोप लगाते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की।


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