ऋषिकेश। एम्स में रोगियों की सेवा के लिए तैनात किए सेवावीर न केवल रोगियों और उनके तीमारदारों के लिए मददगार साबित हो रहे हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर लोगों की जान बचाने के लिए वह रक्तदान भी कर रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में सेवावीरों ने छह साल के एक बच्चे को पांच यूनिट ब्लड देकर मानवता की मिसाल पेश की है।
ब्लड कैंसर की समस्या से जूझ रहा यह बच्चा हल्द्वानी का रहने वाला है। बच्चे की मां सुषमा कुमारी ने बताया कि बच्चे को कुछ समय से बुखार के साथ पसीना आने की शिकायत रहती थी। हल्द्वानी के विभिन्न अस्पतालों में जब इलाज नहीं हो पाया तो वह बच्चे को लेकर एम्स ऋषिकेश पहुंचीं।
एम्स आकर उसे पता चला कि बच्चे को ब्लड कैंसर है और वह शरीर में तीव्र गति से फैल रहा है। बच्चे के शरीर में खून भी बहुत कम था। इलाज की प्रक्रिया शुरू करते हुए चिकित्सकों ने उसे तत्काल 4-5 यूनिट ब्लड की व्यवस्था करने को कहा।
सुषमा के लिए ऋषिकेश शहर नया था और किसी से जान पहचान न होने के कारण ब्लड की व्यवस्था करना उसके लिए बहुत मुश्किल था। सुषमा ने बताया कि कोई रक्तदाता न मिलने पर वह अपनी परेशानी की चिन्ता में एम्स परिसर में बैठी थी।
एम्स के एक सेवावीर ने उनकी परेशानी पूछी और टीम के अन्य सदस्यों से उसकी परेशानी साझा की। बच्चे के इलाज के लिए रक्त की आवश्यकता को देखते हुए सेवावीरों ने रक्तदान कर पांच यूनिट ब्लड की व्यवस्था की और सुषमा को यह भी भरोसा दिलाया कि आवश्यकता पड़ने पर उनकी टीम के अन्य सदस्य भी बच्चे के लिए रक्तदान करेंगे।
बतादें कि पिछले वर्ष भी संस्थान के सेवावीरों ने नैनीताल के अधौड़ा गांव निवासी 3 वर्षीय मासूम करण को 8 यूनिट ब्लड डोनेट किया था। बिना किसी स्वार्थ के समय-समय पर रोगियों के लिए संकटमोचक बन रहे इन सेवावीरों का सुषमा और उसके परिजनों ने विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया है।
एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो मीनू सिंह और चिकित्सा अधीक्षक प्रो सत्याश्री ने रोगियों के हितार्थ सेवावीरों द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों की प्रशंसा की और कहा कि ड्यूटी कार्यों से इतर सेवावीरों द्वारा किया गया यह कार्य निःसंदेह सराहनीय है।


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