सोलन। सोलन जिला पुलिस की ओर से नशा मुक्त समाज की स्थापना के लिए छेड़े गए एक विशेष अभियान को उल्लेखनीय सफलता मिली है। जिसमें मादक पदार्थों की सप्लाई और डिमांड दोनों पर प्रभावी कार्रवाई की गई है। जुलाई 2023 से नशा तस्करों के खिलाफ मिशन मोड में काम शुरू किया गया, जिसके तहत अब तक 157 मामले दर्ज किए गए और 345 तस्करों को गिरफ्तार करके जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया गया।
सोलन के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने अपने कार्यालय में एक पत्रकारवार्ता में बताया कि नशा तस्करों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया को पहली बार 2024 में लागू किया गया। इस साल 3 मामलों में 7 आरोपियों की 3 करोड़ 53 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई, जबकि 2025 में 2 मामलों में 8 आरोपियों की 1 करोड़ 53 लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त हुई। अब तक कुल 15 आरोपियों की 5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति पर कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें 37 किलो उच्च गुणवत्ता वाली चरस और चिट्टा तस्करी से जुड़े 4 मामले शामिल हैं। हरियाणा के सिरसा के गुरप्रीत सिंह, चंडीगढ़ के कपिल गर्ग, बिलासपुर के पिंटू और विजय सोनी जैसे तस्करों की संपत्ति, जिसमें होटल, प्लॉट, लक्जरी गाड़ियां और बैंक डिपॉजिट आदि जब्त किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ साल में बाहरी राज्यों के 120 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और अन्य राज्यों से 114 बड़े सप्लायर शामिल हैं। इनमें 9 नाइजीरियाई तस्कर भी हैं, जिन्हें दिल्ली से पकड़ा गया। इस कार्रवाई से 50 बड़े अंतर्राज्यीय नशा नेटवर्क ध्वस्त हुए, जिससे सोलन में चिट्टा की आपूर्ति रुकने से हजारों युवाओं को बचाया गया। पिछले एक साल में जिले में नशा तस्करी के मामलों में 26% की कमी आई है। इसके अलावा, नशीली दवाओं के 20 मामलों में 48 आरोपियों से 18,116 गोलियां बरामद की गईं।
युवाओं को नशे से बचाने के लिए सोलन पुलिस की 'रुस्तम योजना' के तहत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। शिक्षण संस्थानों में छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जा रहा है और उन्हें खेल व सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इस अभियान के सार्थक परिणाम सामने आए हैं, जिससे नशे की मांग और आपूर्ति दोनों में कमी आई है।


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