नैनीताल। हाईकोर्ट ने निर्दलीय विधायक उमेश कुमार व पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन के बीच हुई गोलाबारी, गाली-गलौज की घटना का स्वतः संज्ञान लेने के मामले पर मंगलवार को सुनवाई की। न्यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने उमेश कुमार की ओर से न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र का अवलोकन करके अन्य विपक्षियों से अपनी आपत्ति देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी।
कोर्ट में मंगलवार को विधायक उमेश कुमार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा। जो प्रार्थनापत्र उन्होंने विधायक उमेश की तरफ से प्रस्तुत किया, उसे कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लेते हुए अन्य विपक्षियों समेत राज्य सरकार से उसपर अपनी आपत्ति पेश करने को कहा है। पूर्व में कोर्ट ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लेकर कहा था, कि देवभूमि में बाहुबली प्रदर्शन शर्मनाक और अक्षम्य है। जिसकी वजह से देवभूमि देश में शर्मसार हुई है।
वर्तमान विधायक व पूर्व विधायक के बीच सरेआम हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी, गाली गलौज के वीडियो राष्ट्रीय न्यूज चैनलों व समाचार पत्रों की सुर्खियां बनने से उत्तराखंड की छवि और भी खराब हुई।
कोर्ट ने यह भी कहा कि इन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित अश्विनी कुमार उपाध्याय बनाम यूनियन ऑफ इंडिया में दिए गए आदेशों का पालन नहीं किया। न ही सरकार ने ऐसा किया। जबकि इस आदेश में राजनीति का अपराधीकरण रोकने को लेकर दिशा-निर्देश सभी राज्यों को जारी किए गए थे। उसके बाद भी राज्य सरकार ने इनको भारी भरकम सुरक्षा दी है।


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