रुद्रप्रयाग। वन स्टॉप सेंटर की टीम ने जिले के एक ही गांव में गुपचुप किए जा रहे तीन बाल विवाहों को रुकवाने में सफलता हासिल की है।
वन स्टाप सेंटर को सूचना मिली थी कि जलई ग्राम सभा में 3 नाबालिग बालिकाओं का विवाह किया जा रहा है। इस सूचना पर वन स्टॉप सेंटर से केंद्र प्रशासक रंजना गैरोला भट्ट, बाल संरक्षण अधिकारी रोशनी रावत एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के केस वर्कर अखिलेश सिंह मौके पर पहुंचे।
इन बालिकाओं के घर जाकर परिजनों को समझाया गया कि बाल विवाह कानूनी अपराध है, जिसके लिए उनको 2 साल का सख्त कारावास तथा 1 लाख का आर्थिक दण्ड दोनों सजा से दंडित किया जा सकता है।
साथ ही घरवालों को चेतावनी दी गई कि यदि उनके द्वारा किसी बालिका का बाल विवाह किया जाता है तो उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
इसके बाद तीनों बालिकाओं के परिजन मान गए और बाल विवाह होने से रोका गया। अब तक जनपद में 10 बाल विवाह रोके गए हैं, जिनमें से बीते कुछ समय पहले जखोली और ऊखीमठ क्षेत्र में बाल विकास विभाग रुद्रप्रयाग की टीम ने 7 बाल विवाह रोके हैं।


No comments:
Post a Comment