गिरफ्तारी से बचने के लिए बना लिए वारंट रद्द करने के नकली अदालती आदेश, गिरफ्तार - सत्यमेव जयते

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Wednesday, January 15, 2025

गिरफ्तारी से बचने के लिए बना लिए वारंट रद्द करने के नकली अदालती आदेश, गिरफ्तार



सोलन। अदालत के गिरफ्तारी वारंटों को रद्द किये जाने संबधी जेएमएफसी कण्डाघाट के आदेशों की फर्जी प्रति तैयार करने के आरोपी को गिरफ्तार किया है।  पुराने दोनों मामलों में दो लाख 70 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई है। 

सोलन के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह के हवाले से दी गई जानकारी में कहा गया  है कि इसी वर्ष दो जनवरी को सिविल जज कंडाघाट के रिकार्ड कीपर ने पुलिस थाना कण्डाघाट में तहरीर दी कि गतवर्ष 30 नवंबर को सिविल जज की अदालत में दो सिविल मामलों  रमेश कुमार बनाम देवराज, हरीश कुमार बनाम देवराज सुनवाई हेतू लगे थे, जिनके लिये अदालत ने देवराज के विरुद्ध दो गिरफ्तारी वारण्ट जारी किये गये थे। 

ये दोनों मामले दो लाख 70 हजार की धोखाधड़ी से जुड़े थे। इस मामले की सुनवाई के लिए अदालत ने एक जनवरी 2025 की तिथि तय की थी।  लेकिन पुलिस द्वारा वारण्टों की रिपोर्ट व सिविल जज कोर्ट कण्डाघाट के 17 दिसंबर 2024 के आदेशों की प्रति सहित न्यायालय में प्राप्त हुये। 

17 दिसंबर के आदेशों के अनुसार देवराज के विरूद्ध जारी दोनों वारण्टों को रद्द कर दिए गए है। जबकि अदालत ने पाया कि इस मामले की सुनवाई की अगली तिथि तो 30 नवंबर के बाद सीधे एक जनवरी को लगी थी। 17 दिसंबर को तो इस मामले की कोई सुनवाई हुई ही नहीं। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए इसे अदालत के रिकार्ड के साथ छेड़छाड़ माना। 

एसपी के अनुसार इस मामले की लिखित शिकायत मिलने पर पुलिस थाना कण्डाघाट में मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले की छानबीन  शुरू की। जांच के दौरान पाया गया कि दोनों गैर जमानती वारण्टों की पेशी की तारीख  एक जनवरी 2025 थी। उक्त दोनों वारण्टों को तामील जिला शिमला के तहत पड़ने वाली पुलिस चौकी जतोग ने 28 दिसंबर को की थी।  

आरोपी देवराज ने इन वारण्टों को अदालत जेएमएफसी कण्डाघाट द्वारा रद्द करने सम्बन्धी आदेश वहाट्सअप्प के माध्यम से जतोग पुलिस को भेजे थे। इसके उपरान्त जतोग पुलिस द्वारा दोनों वारण्टों को उपरोक्त आदेशों सहित  कण्डाघाट सिविल अदालत में प्रेषित किये थे ।  अदालत ने  तयकी गई तिथि पर जब पुलिस द्वारा भेजे गये दस्तावेजों का अवलोकन किया तो पाया कि देवराज द्वारा प्रस्तुत किये गये आदेश नकली हैं। 

जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर मंगलवार को  कंडाघाट पुलिस ने आरोपी शिमला के जठिया क्षेत्र के अंतरगत आने वाले शिल्ली बागी गांव निवासी देवराज को गिरफतार कर लिया। जांच के दौरान पाया गया कि देवराज ने न्यायालय द्वारा जारी किये गये दोनों गिरफ्तारी वारण्ट में गिरफ्तारी से बचने के लिये जाली बेल आदेश व गैर जमानती वारण्ट को खारिज करने के आदेश बनवाकर  अदालत को भेज दिए। देवराज को आज  न्यायालय में पेश किया जा रहा है। उसके पूर्व आपराधिक रिकार्ड की पड़ताल की जा रही है। मामले में जांच जारी है।

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