शिमला: प्रदेश की राजधानी शिमला के शांतिपूर्ण संजौली इलाके में शनिवार शाम एक चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित निजी सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मीनाक्षी मित्तल को उनके स्कूल परिसर के गेट के पास अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और भय का माहौल व्याप्त है।जानकारी के अनुसार, वारदात शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे हुई। मीनाक्षी मित्तल पास की एक दुकान से मैगी और अन्य घरेलू सामान खरीदकर लौट रही थीं। जैसे ही वह स्कूल के मुख्य गेट के निकट पहुंचीं, उसी समय पंजाब नंबर प्लेट वाली एक संदिग्ध कार में सवार दो या अधिक हमलावरों ने उन पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। मीनाक्षी मित्तल को कम से कम तीन गोलियां लगीं, जिनमें से एक घातक साबित हुई। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद कार के साथ फरार हो गए।स्थानीय लोगों ने बताया कि गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकले तो उन्होंने मीनाक्षी को खून से लथपथ जमीन पर पड़ा देखा। इलाके में तुरंत चीख-पुकार मच गई। कुछ लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमा हरकत में आ गया।
पुलिस जांच और संभावित कारण
शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि स्कूल संचालिका मीनाक्षी मित्तल की अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस ने पूरे शहर में नाकेबंदी कर दी है और कई टीमों को गठित कर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों के बयानों के आधार पर जांच तेज कर दी गई है।प्राथमिक जांच में पुलिस को संकेत मिले हैं कि इस हत्या के पीछे लंबे समय से चल रहा पारिवारिक संपत्ति विवाद हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक मीनाक्षी मित्तल का अपने भाई के साथ प्रॉपर्टी को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले को हर पहलू से खंगाल रही है। प्रेम संबंध, पुराना दुश्मनी या अन्य कोई वजह भी जांच के दायरे में है।
इलाके में दहशत का माहौल
सरस्वती पैराडाइज स्कूल संजौली इलाके का जाना-पहचाना नाम है। मीनाक्षी मित्तल स्थानीय स्तर पर सम्मानित महिला शिक्षिका और संस्था संचालिका के रूप में जानी जाती थीं। उनकी अचानक इस कठोर हत्या ने न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे संजौली क्षेत्र को सदमे में डाल दिया है। शाम होते ही कई दुकानें बंद हो गईं और लोग जल्दी घरों को लौटने लगे।पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। फोरेंसिक विशेषज्ञ गोलियों के खोल, कार के टायर के निशान और अन्य महत्वपूर्ण क्लूज इकट्ठा कर रहे हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जांच की निगरानी की जा रही है।यह घटना शिमला जैसे पर्यटन स्थल और शांत शहर में बढ़ती अपराध प्रवृत्ति को लेकर भी सवाल खड़े कर रही है। आम नागरिकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने भी पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है।पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की जांच अभी जारी है और आगे की जानकारी मिलते ही अपडेट किया जाएगा।


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