सोलन। सोलन जिला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए दो प्रमुख मामलों में 10 आरोपियों और उनके सहयोगियों की 2.37 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की है। यह जानकारी सोलन के एसपी गौरव सिंह ने अपने कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। जब्त संपत्तियों में आलीशान मकान, लक्जरी गाड़ियां, कैश डिपॉजिट, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य संपत्तियां शामिल हैं।
पहला मामला 27 अप्रैल 2025 का है, जब पुलिस थाना कंडाघाट के गौड़ा क्षेत्र में विशेष जांच इकाई (SIU) ने तीन आरोपियों—प्रकाश ठाकुर (55), राजेश पांडे (41) और रविंद्र (56)—के कब्जे से 1.310 किलोग्राम चरस बरामद की थी। जांच के दौरान प्रकाश ठाकुर के घर से अतिरिक्त 520 ग्राम चरस मिली, जिससे कुल बरामदगी 1.830 किलोग्राम हो गई। जांच में खुलासा हुआ कि प्रकाश ठाकुर इस नेटवर्क का मुख्य सरगना है, जो अपने घर पर चरस का उत्पादन कर शिमला, सोलन और सिरमौर में तस्करों को आपूर्ति करता था। वित्तीय जांच में इन तीनों आरोपियों और उनके सहयोगियों के नाम पर 2.09 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई, जिसमें मकान, लक्जरी वाहन, कमर्शियल वाहन और जेसीबी मशीन शामिल हैं।
दूसरा मामला 17 मार्च 2025 का है, जब धर्मपुर पुलिस ने दो आरोपियों—गौरव और चेतन—को 11 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ गिरफ्तार किया। वित्तीय जांच में पता चला कि दोनों लंबे समय से स्थानीय तस्करों को चिट्टा की आपूर्ति कर रहे थे और उनकी 28 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई।
एसपी गौरव सिंह ने बताया कि सोलन पुलिस ने 2024 से नशा तस्करों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की थी। अब तक आठ मामलों में 28 आरोपियों की करीब आठ करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इनमें एक मामले में 37 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली चरस और छह मामले चिट्टा तस्करी से संबंधित थे। जब्त संपत्तियों में होटल, प्लॉट, लक्जरी गाड़ियां और बैंक जमा राशि शामिल हैं, जिनमें से अधिकांश बाहरी राज्यों से जब्त की गईं।
पिछले दो वर्षों में सोलन पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है, जिसमें 184 मामले दर्ज कर 393 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 136 बाहरी राज्यों के तस्कर शामिल हैं, जिनमें दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों से 130 बड़े सप्लायर और नौ नाइजीरियन नागरिक शामिल हैं। पुलिस ने 57 अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया, जिससे हजारों युवाओं को नशे की आपूर्ति रोकने में सफलता मिली।
आदतन नशा तस्करों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने PIT NDPS Act 1988 के तहत निवारक हिरासत की कार्रवाई भी शुरू की है। अब तक 15 आदतन अपराधियों के खिलाफ प्रस्ताव भेजे गए हैं, जिनमें से पांच को तीन महीने की हिरासत में जेल भेजा गया है।
एसपी गौरव सिंह ने कहा कि सोलन पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम कर रही है और नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




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