देहरादून। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-74 (एनएच-74) के चौड़ीकरण से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उत्तराखंड के पीसीएस अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की। यह मामला 2017 का है, जिसमें सिंह पर सरकारी धन के दुरुपयोग और गैर-कृषि दर पर मुआवजा देने का आरोप है। वर्तमान में सिंह देहरादून में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित डोईवाला चीनी मिल के कार्यकारी निदेशक हैं।
ईडी ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में सिंह से जुड़े कम से कम सात स्थानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, सिंह ने एनएच-74 और एनएच-125 के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार अधिनियम, 1950 की धारा 143 के तहत बैकडेटेड आदेशों के जरिए भूमि उपयोग को बदलकर गैर-कृषि दर पर मुआवजा दिया, जिससे सरकार को 162.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
यह मामला उत्तराखंड पुलिस की 2017 की एफआईआर और चार्जशीट पर आधारित है, जिसमें सिंह, राजस्व अधिकारियों, किसानों और बिचौलियों पर साजिश रचने का आरोप है। ईडी ने 2020 में कहा था कि सिंह ने अन्य लोक सेवकों और बिचौलियों के साथ मिलकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया। 2024 में ईडी ने सिंह और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।
ताजा छापेमारी का उद्देश्य मामले में और सबूत जुटाना बताया जा रहा है। हालांकि, छापेमारी में क्या बरामद हुआ, इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। इस मामले ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ कार्रवाई को फिर से चर्चा में ला दिया है।


No comments:
Post a Comment