डोईवाला। विकासखंड डोईवाला में जिला पंचायत की सभी पांच सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी गई हैं, जिससे क्षेत्र में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इनमें माजरीग्रांट की सीट अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महिला के लिए आरक्षित की गई है, जो 2019 के चुनाव में भी इसी वर्ग के लिए थी। शेष चार सीटें—साहबनगर, खदरी खड़कमाफ, हरिपुरकला और बड़कोट माफी—भी महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
विशेष रूप से बड़कोट माफी की सीट उत्तराखंड के गठन के बाद से लगातार महिलाओं के लिए ही आरक्षित रही है, जो इसे सामान्य या अन्य वर्ग के लिए कभी नहीं खोला गया। पिछले चुनाव (2019) में साहबनगर, बड़कोट माफी और हरिपुरकला की सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं, जबकि खदरी खड़कमाफ सामान्य वर्ग के लिए थी।
इस बार सभी सीटों को महिला आरक्षण में शामिल करने से क्षेत्र की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। यह निर्णय स्थानीय स्तर पर लैंगिक समानता और महिला नेतृत्व को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विकासखंड डोईवाला में कुल 38 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें से 19 ग्राम प्रधान सीटें भी महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। इनमें 2 सीटें अनुसूचित जाति, 4 सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग और 13 सीटें सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए हैं। इस तरह, आधी आबादी को ग्राम और जिला स्तर पर अपनी सरकार बनाने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय निवासियों का मानना है कि यह आरक्षण न केवल महिलाओं को नेतृत्व के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि ग्रामीण विकास में उनकी भूमिका को भी मजबूत करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, महिला आरक्षण से सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर संवेदनशील नीतियां बनने की संभावना बढ़ती है। डोईवाला में इस बदलाव से ग्रामीण क्षेत्रों में नई ऊर्जा और दृष्टिकोण के साथ विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
आगामी पंचायत चुनाव में महिला प्रत्याशियों की सक्रियता और उनके द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों पर सभी की नजरें टिकी हैं। यह आरक्षण डोईवाला के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है, जो महिला नेतृत्व को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।


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