विकासनगर। देहरादून जिले के कालसी में तैनात पटवारी गुलशन हैदर को विजिलेंस टीम ने सोमवार, 26 मई 2025 को दो हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। पटवारी शिकायतकर्ता के चचेरे भाइयों के मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए रिश्वत मांग रहा था। विजिलेंस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूछताछ जारी है।
निदेशक सतर्कता डॉ. वी मुरुगेशन ने बताया कि शिकायतकर्ता ने विजिलेंस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके चचेरे भाइयों ने मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन आवेदन निरस्त हो गए। जब शिकायतकर्ता ने इस संबंध में कालसी तहसील में तैनात पटवारी गुलशन हैदर से फोन पर बात की, तो पटवारी ने फोटो आईडी और दो हजार रुपये रिश्वत के तौर पर मांगे। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार किया और विजिलेंस से संपर्क किया।
विजिलेंस सेक्टर देहरादून की ट्रैप टीम ने शिकायत के आधार पर योजना बनाई और सोमवार को कालसी तहसील कार्यालय में कार्रवाई की। पटवारी गुलशन हैदर को तहसील के एक निजी कमरे में दो हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया। हैरानी की बात यह रही कि विजिलेंस टीम के पहुंचते ही आरोपी ने रिश्वत की रकम निगलने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। इसके बाद आरोपी को विकासनगर उप जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उसका मेडिकल कराया गया। मेडिकल के बाद विजिलेंस टीम उसे अपने साथ ले गई।
डॉ. वी मुरुगेशन ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस सफल कार्रवाई के लिए ट्रैप टीम को नगद पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है। यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की सख्ती को दर्शाती है और सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई की सराहना की है और भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयों को और तेज करने की मांग की है।


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