सोलन। सोलन जिला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। कुख्यात आदतन नशा तस्कर नीरज शर्मा को प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत तीन महीने के लिए जेल भेज दिया गया है। हिमाचल प्रदेश सरकार के आदेश पर पुलिस थाना कंडाघाट की टीम ने PIT NDPS Act 1988 की धारा 3(1) के तहत यह कार्रवाई की। इस कदम का उद्देश्य आदतन अपराधियों को नशा तस्करी की बार-बार की गतिविधियों से रोकना है।
नीरज शर्मा (38 वर्ष), निवासी रावली, वाकनाघाट, कंडाघाट, मूल रूप से शिमला का रहने वाला है। उसके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत चार मामले दर्ज हैं, जिनमें तीन कंडाघाट और एक शिमला के बालूगंज थाने में दर्ज हैं। इन मामलों में 1 किलोग्राम से अधिक चरस और 8 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। जमानत पर रिहा होने के बावजूद नीरज लगातार नशा तस्करी में सक्रिय था। जिला पुलिस ने इस आदतन अपराधी को निशाने पर लेते हुए निवारक हिरासत में भेजा।
सोलन पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। जिला पुलिस ने 13 आदतन नशा तस्करों को निवारक हिरासत में रखने के लिए हिमाचल सरकार को प्रस्ताव भेजे हैं। इससे पहले, कुख्यात तस्कर हितेंद्र कुमार उर्फ रिंकू को भी इसी अधिनियम के तहत जेल भेजा गया था। रिंकू के खिलाफ चार मामले दर्ज हैं, जिनमें अर्की, शिमला और पंजाब के खरड़ थाने में 88 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था।
सोलन पुलिस का यह अभियान नशे की आपूर्ति और मांग दोनों को रोकने पर केंद्रित है। अब तक पुलिस ने अंतरराज्यीय नशा तस्करी के 56 नेटवर्क तोड़े और 134 तस्करों को बाहरी राज्यों से गिरफ्तार किया। इसके अलावा, तस्करों की 5.5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई।
जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। पुलिस ने जनता से अपील की है कि नशा तस्करी से संबंधित किसी भी जानकारी को साझा करें। यह कार्रवाई नशे के खिलाफ सोलन पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे समाज को इस बुराई से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।



No comments:
Post a Comment