बनबसा। उत्तराखंड के पर्वतीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा शुरू किए गए प्रयासों पर भाजपा की बयानबाजी को कांग्रेस ने अनर्गल करार दिया है। कांग्रेस प्रदेश सचिव आनंद सिंह महरा ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पूरी तरह पहाड़ विरोधी है और केवल सत्ता हासिल करने के लिए पर्वतीय लोगों को बरगलाने का काम करती है। महरा ने कहा कि भाजपा को उत्तराखंड, खासकर पर्वतीय क्षेत्रों के विकास से कोई सरोकार नहीं है।
महरा ने बताया कि हाल ही में हरीश रावत ने पर्वतीय उत्पादों को मैदानी क्षेत्रों और अन्य राज्यों में पहचान दिलाने के लिए काफल पार्टी का आयोजन किया था। इस पहल का उद्देश्य उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को आमजन तक पहुंचाना और उनकी मांग बढ़ाना था। हालांकि, इस आयोजन पर भाजपा ने अनावश्यक टिप्पणियां कीं, जिसे कांग्रेस ने तथ्यहीन और गैर-जिम्मेदाराना बताया। महरा ने कहा कि रावत ने पहले भी पर्वतीय उत्पादों को देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर जैसे शहरों और राज्य के बाहर प्रचारित करने का प्रयास किया था। उदाहरण के तौर पर, चंपावत में 100 से 150 रुपये प्रति किलो बिकने वाला काफल मैदानी क्षेत्रों में 600 रुपये प्रति किलो तक बिका। इससे न केवल पर्वतीय उत्पादों की पहचान बढ़ी, बल्कि स्थानीय गरीब वर्ग को रोजगार के अवसर भी मिले।
कांग्रेस नेता ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में काफल, हल्दी, अदरक, मिर्च, दालचीनी, तेजपात और विभिन्न जड़ी-बूटियों का अपार भंडार है, लेकिन मैदानी क्षेत्रों और अन्य राज्यों के लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। रावत की पहल से इन उत्पादों को बाजार में नई पहचान मिल रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। महरा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह केवल राजनीतिक लाभ के लिए अनर्गल बयानबाजी करती है, जबकि कांग्रेस पर्वतीय क्षेत्रों के विकास और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मांग की कि भाजपा को अपनी नीतियों पर आत्ममंथन करना चाहिए और पर्वतीय क्षेत्रों के हित में ठोस कदम उठाने चाहिए।


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