एक्सप्रेसवे पर अश्लील वीडियो मामले में बीजेपी नेता धाकड़ गिरफ्तार, ब्लैकमेलिंग का भी खुलासा - सत्यमेव जयते

Breaking

Monday, May 26, 2025

एक्सप्रेसवे पर अश्लील वीडियो मामले में बीजेपी नेता धाकड़ गिरफ्तार, ब्लैकमेलिंग का भी खुलासा



मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अश्लील हरकतों का वीडियो वायरल होने के बाद कथित बीजेपी नेता मनोहरलाल धाकड़ को पुलिस ने रविवार, 25 मई 2025 को गिरफ्तार कर लिया है। भानपुरा पुलिस ने मनोहरलाल धाकड़ को हिरासत में लेकर गरोठ जेल भेज दिया है। इस मामले में उनकी महिला साथी की पहचान भी हो चुकी है, और पुलिस उससे पूछताछ की प्रक्रिया में जुटी है। पुलिस ने वीडियो में दिख रही कार (MP-14-CC-4782) को भी जब्त कर लिया है, जो धाकड़ के नाम पर पंजीकृत है। इस घटना के बाद धाकड़ समाज और बीजेपी ने उनसे किनारा कर लिया है, जबकि एनएचएआई कर्मचारियों पर ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप भी सामने आए हैं।


क्या है पूरा मामला?

घटना 13 मई 2025 की रात करीब 8 बजे की है, जब मंदसौर के बनी गांव निवासी मनोहरलाल धाकड़ अपनी कार में एक महिला के साथ दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेसवे पर आपत्तिजनक स्थिति में दिखे। इस दौरान दोनों कार से उतरकर सड़क पर शारीरिक संबंध बनाते हुए नजर आए, जो हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गया। वीडियो 21 मई को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हड़कंप मच गया। भानपुरा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296 (सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता), 285 (सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा), और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया।


ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज खुलासा

जांच के दौरान धाकड़ के परिवार ने आरोप लगाया कि एनएचएआई के कुछ कर्मचारियों ने वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर धाकड़ को ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। परिवार के अनुसार, कर्मचारियों ने वीडियो डिलीट करने के बदले पैसे की मांग की, और जब बात नहीं बनी, तो उन्होंने पहले स्क्रीनशॉट और फिर पूरा वीडियो 21 मई को वायरल कर दिया। मंदसौर पुलिस ने इस ब्लैकमेलिंग के आरोप की जांच शुरू कर दी है। एनएचएआई ने इस मामले में तीन कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है, और मंदसौर एसपी अभिषेक आनंद ने कंट्रोल रूम मैनेजर को नोटिस जारी किया है।


पुलिस की कार्रवाई और जांच

मंदसौर पुलिस ने वीडियो वायरल होने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए धाकड़ की कार को जब्त किया और उनकी तलाश शुरू की। रविवार को धाकड़ ने भानपुरा थाने में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि वीडियो में दिख रही महिला धाकड़ की पुरानी प्रेमिका है, और उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। मंदसौर एसपी अभिषेक आनंद ने कहा, "पुलिस सीसीटीवी फुटेज और एनएचएआई कर्मचारियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। ब्लैकमेलिंग की संभावना भी सामने आई है, जिसके सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।"


बीजेपी और धाकड़ समाज की प्रतिक्रिया

बीजेपी ने मनोहरलाल धाकड़ से दूरी बनाते हुए स्पष्ट किया कि वे पार्टी के प्राथमिक सदस्य नहीं हैं। मंदसौर बीजेपी जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कहा, "ऐसे लोगों की पार्टी में कोई जगह नहीं है। धाकड़ की पत्नी सोहन बाई जरूर जिला पंचायत सदस्य हैं, लेकिन मनोहरलाल का पार्टी से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।" वहीं, धाकड़ महासभा युवा संघ ने राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्जुन धाकड़ के निर्देश पर मनोहरलाल को राष्ट्रीय मंत्री पद से तत्काल हटा दिया।


राजनीतिक विवाद और कांग्रेस का हमला

वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। मंदसौर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह तोमर ने सोशल मीडिया पर लिखा, "बीजेपी का चाल, चरित्र और चेहरा उजागर हो गया है।" कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गरोठ टोल प्लाजा पर गायत्री मंत्र जाप और गंगाजल छिड़ककर एक्सप्रेसवे का "शुद्धिकरण" किया, जिसे बीजेपी के खिलाफ विरोध के तौर पर देखा जा रहा है। कुछ कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि बीजेपी ने धाकड़ के खिलाफ तुरंत कार्रवाई इसलिए नहीं की, क्योंकि उनकी पत्नी के जिला पंचायत छोड़ने से पार्टी का बहुमत खतरे में पड़ सकता है।


कानूनी स्थिति

धाकड़ के खिलाफ दर्ज धाराओं में अधिकतम 6 महीने की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। धारा 296 के तहत सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता के लिए 3 महीने तक की जेल और 1000 रुपये तक का जुर्माना, जबकि धारा 285 के तहत सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए 6 महीने तक की जेल और 5000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। यह अपराध जमानती हैं, जिसके कारण धाकड़ को जल्द जमानत मिलने की संभावना है।


सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव

इस घटना ने मंदसौर में राजनीतिक हलचल मचा दी है। धाकड़ की पत्नी सोहन बाई, जो बनी गांव से जिला पंचायत सदस्य हैं, के बीजेपी छोड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। अगर ऐसा होता है, तो जिला पंचायत में बीजेपी का बहुमत खतरे में पड़ सकता है। वहीं, सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर बीजेपी की कड़ी आलोचना हो रही है, और लोग इस घटना को सामाजिक मर्यादा के उल्लंघन के तौर पर देख रहे हैं।


No comments:

Post a Comment

advt

advt
ramesh chandr tamta