अल्मोड़ा : सब्जी की आड़ में 4.22 लाख के गांजे के साथ चचेरे भाई गिरफ्तार - सत्यमेव जयते

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Monday, May 19, 2025

अल्मोड़ा : सब्जी की आड़ में 4.22 लाख के गांजे के साथ चचेरे भाई गिरफ्तार



अल्मोड़ा। नशे के खिलाफ अल्मोड़ा पुलिस की मुहिम ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। सल्ट पुलिस ने चिमटाखाल-मरचूला मार्ग पर चेकिंग के दौरान एक पिकअप वाहन से 16.895 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद कर दो तस्करों को धर दबोचा। बरामद गांजे की कीमत लगभग 4.22 लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपी चचेरे भाई हैं और उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के मूल निवासी हैं। इस कार्रवाई से नशा तस्करी के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा के नेतृत्व में चल रहे नशा विरोधी अभियान के तहत रविवार को सल्ट पुलिस ने यह कार्रवाई की। सीओ रानीखेत विमल प्रसाद और थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक की अगुवाई में पुलिस टीम ने चिमटाखाल के पास एक पिकअप वाहन (यूके01-सीए-0780) को संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर रोका। वाहन के चालक विशाल सिंह (22 वर्ष) और परिचालक भूरे (19 वर्ष) ने दावा किया कि वाहन में सब्जियां लदी हैं। लेकिन पुलिस को शक होने पर कट्टों की तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में अवैध गांजा मिला।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे गांजा सराईखेत से रामनगर ले जा रहे थे, जहां इसे ऊंचे दामों में बेचने की योजना थी। दोनों की पहचान विशाल सिंह, पुत्र चंद्रभान सिंह, और भूरे, पुत्र सुरेंद्र, निवासी ग्राम वजीरगंज रेहडिया, थाना वजीरगंज, जिला बदायूं, उत्तर प्रदेश (वर्तमान में रामनगर, नैनीताल) के रूप में हुई। पुलिस ने उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 8/20/60 के तहत थाना सल्ट में मुकदमा दर्ज किया और तस्करी में इस्तेमाल वाहन को सीज कर लिया।

इस ऑपरेशन में उपनिरीक्षक कमित जोशी, अपर उपनिरीक्षक लोमेश कुमार, हेड कांस्टेबल सुरेश चंद्र, हेड कांस्टेबल संजू कुमार और कांस्टेबल अमरेन्द्र कुमार की भूमिका अहम रही। पुलिस की सतर्कता ने तस्करों की चाल को नाकाम कर दिया, जिससे क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसा गया है।

स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की, लेकिन नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता भी जताई। पुलिस ने बताया कि तस्करी के इस नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने के लिए जांच जारी है। यह घटना न केवल नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह भी उजागर करती है कि तस्कर किस तरह सामान्य वस्तुओं की आड़ में अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। अल्मोड़ा पुलिस ने नशा मुक्त समाज के लिए अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को और सख्त करने का संकल्प लिया है।


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