जामनगर। गुजरात के जामनगर में भारतीय वायुसेना का जगुआर लड़ाकू विमान बुधवार रात एक प्रशिक्षण मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें एक पायलट की मौत हो गई, जबकि दूसरा पायलट गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद घायल पायलट का जामनगर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। भारतीय वायुसेना ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं।
वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि जामनगर एयरफील्ड से रात्रि मिशन के लिए उड़ान भरने वाला यह दो-सीटर जगुआर विमान तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पायलटों ने खराबी को भांपते हुए विमान से बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू की और यह सुनिश्चित किया कि एयरफील्ड या स्थानीय लोगों को कोई नुकसान न पहुंचे। हालांकि, एक पायलट को गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वायुसेना ने कहा, "हमें जानमाल के नुकसान पर गहरा अफसोस है। हम शोकाकुल परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।"
जामनगर के पुलिस अधीक्षक प्रेमसुख देलू ने बताया कि यह हादसा जामनगर शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर सुवरदा गांव के एक खुले मैदान में हुआ। विमान के क्रैश लैंडिंग के बाद उसमें आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एक पायलट सुरक्षित रूप से विमान से बाहर निकल आया था, जबकि दूसरे पायलट की तलाश की जा रही थी। बाद में पता चला कि दूसरा पायलट गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
पुलिस और वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार, यह विमान नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था। हादसे का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन तकनीकी खराबी को प्राथमिक वजह माना जा रहा है। घटना की जांच के लिए गठित कोर्ट ऑफ इंक्वायरी जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस हादसे ने एक बार फिर सैन्य विमानों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े किए हैं।


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