पैरोल पर आए कैदी और लिव-इन पार्टनर के साथ दी जान, हत्या की सजा काट रहा था - सत्यमेव जयते

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Tuesday, April 1, 2025

पैरोल पर आए कैदी और लिव-इन पार्टनर के साथ दी जान, हत्या की सजा काट रहा था


छत्रपति संभाजीनगर। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में एक सनसनीखेज घटना ने सबको हैरान कर दिया। पैरोल पर जेल से बाहर आए कैदी नवनाथ जगधने (30) और उसकी लिव-इन पार्टनर शीतल डोडवे-उकड़े (28) ने एक साथ आत्महत्या कर ली। यह घटना पैठण तालुका के कटपुर गांव में हुई, जहां दोनों के शव एक मक्के के खेत में मिले। नवनाथ को शीतल के छह साल के बेटे की हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। 

पैरोल खत्म होने से पहले उठाया खौफनाक कदम

नवनाथ को फरवरी में एक महीने की पैरोल पर रिहा किया गया था और उसे 28 मार्च को जेल वापस लौटना था। लेकिन 31 मार्च की रात उसने अपनी प्रेमिका शीतल के साथ आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही पैठण थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक ईश्वर जगदाले और उनकी टीम मौके पर पहुंची। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि दोनों ने यह कदम क्यों उठाया। 

रिश्ते में बाधा बने बच्चे की हत्या

नवनाथ और शीतल कई सालों से एक-दूसरे को जानते थे और लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। शीतल कटपुर की रहने वाली थी और उसकी शादी जालना जिले के अंबड़ के एक व्यक्ति से हुई थी। 2020 में जब नवनाथ शीतल से मिलने गया, तो उसने शीतल के छह साल के बेटे की हत्या कर दी, क्योंकि वह उनके रिश्ते में बाधा बन रहा था। इस अपराध के लिए नवनाथ को आजीवन कारावास की सजा हुई थी, जबकि शीतल को बरी कर दिया गया था। 

पहले भी की थी आत्महत्या की कोशिश

पैरोल पर घर आने के बाद नवनाथ मानसिक रूप से परेशान दिख रहा था। 28 मार्च को उसने कुएं में कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी, लेकिन परिवार वालों ने उसे रोक लिया और समझाने की कोशिश की। इसके बावजूद, 31 मार्च की रात जब सभी लोग घर की छत पर सो रहे थे, नवनाथ चुपचाप निकल गया। बाद में उसके और शीतल के शव खेत में मिले। 

पुलिस जांच में जुटी

सहायक पुलिस निरीक्षक ईश्वर जगदाले ने बताया, "दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे। उनके शव खेत में मिले हैं। एक दिन पहले भी उन्होंने कुएं में कूदने की कोशिश की थी। शवों की जांच कराई गई है और मामले की गहन पड़ताल जारी है।" पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पैरोल खत्म होने के डर या किसी और वजह से दोनों ने यह कदम उठाया। यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बन गई है, जो प्रेम और अपराध की एक दुखद कहानी को बयां करती है।


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