उत्तरकाशी । उत्तराखंड के लिए गर्व का पल आया जब बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में सिलक्यारा सुरंग का निर्माण कार्य पूरा हुआ। 853 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस 4.531 किलोमीटर लंबी दोहरी लेन वाली सुरंग चारधाम यात्रा के लिए बेहद खास है। इससे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बीच की दूरी 26 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे यात्रियों को समय की बचत और सुविधा मिलेगी। साथ ही, यह प्रोजेक्ट क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देगा।
2023 का यादगार बचाव अभियान
वर्ष 2023 में सिलक्यारा सुरंग निर्माण के दौरान 12 नवंबर को भूस्खलन के कारण 41 मजदूर 17 दिनों तक सुरंग में फंस गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में दुनिया का सबसे जटिल बचाव अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री ने खुद सिलक्यारा में डेरा डालकर अभियान की निगरानी की। रैट माइनर्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य संस्थाओं की मेहनत से सभी मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया। इस अभियान ने मानवता और एकजुटता की मिसाल कायम की।
बाबा बौखनाग मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा
मुख्यमंत्री ने बचाव अभियान की सफलता के लिए बाबा बौखनाग से मन्नत मांगी थी और उनके नाम पर भव्य मंदिर बनाने का वादा किया था। बुधवार को उन्होंने देहरादून से पूजा सामग्री लाकर बाबा बौखनाग मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि बाबा बौखनाग ने मजदूरों को सुरक्षित निकालने में शक्ति दी। मंदिर बनने से श्रद्धालु अब बाबा का आशीर्वाद ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री की घोषणाएं
सिलक्यारा सुरंग का नाम बाबा बौखनाग के नाम पर रखने की प्रक्रिया शुरू होगी।
गेंवला-ब्रह्मखाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाएगा।
बौखनाग टिब्बा को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
स्यालना के पास हेलीपैड बनाया जाएगा।
उपस्थित लोग
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टमटा, विधायक सुरेश चौहान, दुर्गेश्वर लाल, संजय डोभाल, राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रबंध निदेशक डॉ. कृष्ण कुमार, उत्तरकाशी के जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, एसपी सरिता डोभाल और अन्य अधिकारी मौजूद थे।






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