चित्तूर। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में एक दिल दहलाने वाली घटना ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर दिया है। बालाजीनगर कॉलोनी में एक मुस्लिम पिता ने अपनी एमबीए पास बेटी की कथित तौर पर सिर काटकर हत्या कर दी, क्योंकि उसने दलित समुदाय के युवक से प्रेम विवाह किया था। हत्या के बाद आरोपी पिता और भाई फरार हो गए हैं, जबकि पुलिस ने मामले को ऑनर किलिंग मानते हुए जांच शुरू कर दी है।
यास्मीन भानु और साईं तेजा (बी.टेक) की प्रेम कहानी कॉलेज के दिनों में शुरू हुई थी। साईं तेजा अनुसूचित जाति समुदाय से हैं। जब उनके परिवार ने शादी का प्रस्ताव रखा, तो यास्मीन के माता-पिता, शौकत अली और मुमताज, ने इसका कड़ा विरोध किया। परिवार की मंजूरी न मिलने पर यास्मीन और साईं तेजा ने 9 फरवरी 2025 को नेल्लोर में शादी कर ली। खतरे को भांपते हुए जोड़े ने 13 फरवरी को तिरुपति डीएसपी से सुरक्षा की मांग की थी। पुलिस ने दोनों परिवारों को बुलाकर काउंसलिंग की और चेतावनी दी कि चूंकि दोनों बालिग हैं, उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।
दो महीने तक सब ठीक रहा, लेकिन हाल ही में यास्मीन के परिवार ने पिता की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर उसे घर बुलाने का दबाव डाला। रविवार सुबह साईं तेजा ने यास्मीन को चित्तूर के गांधी चौक पर उसके भाई की कार में बैठाकर मायके भेज दिया। इसके बाद न तो यास्मीन से संपर्क हुआ और न ही परिवार ने फोन उठाया। अनहोनी की आशंका से साईं तेजा यास्मीन के घर पहुंचा, जहां पहले परिवार ने कहा कि वह घर पर नहीं है। बाद में दावा किया गया कि यास्मीन ने आत्महत्या कर ली। हालांकि, सच्चाई सामने आने पर पता चला कि उसकी हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने यास्मीन का शव कब्जे में लेकर सरकारी अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया है। प्रारंभिक जांच में परिवार ने इसे आत्महत्या बताया, लेकिन सबूत ऑनर किलिंग की ओर इशारा कर रहे हैं। चित्तूर के प्रभारी डीएसपी प्रभाकर ने बताया कि संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है। मृतका के पिता शौकत अली और उसकी बड़ी बहन के बेटे लालू की तलाश जारी है।


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