दुल्हन ने प्रेमी को ‘भाई’बनाकर ससुराल बुलाया, फिर ससुराल छोड़कर भागी - सत्यमेव जयते

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Monday, April 21, 2025

दुल्हन ने प्रेमी को ‘भाई’बनाकर ससुराल बुलाया, फिर ससुराल छोड़कर भागी



बेगूसराय, बिहार। प्रेम और विश्वास की कहानियां अक्सर दिल को छू लेती हैं, लेकिन बेगूसराय के तेयाय क्षेत्र के दादपुर गांव में एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। यहां एक नई-नवेली दुल्हन ने अपने प्रेमी को ससुराल बुलाकर उसे अपना ‘मौसेरा भाई’ बताकर ससुराल वालों का दिल जीत लिया। ससुराल वालों ने भी इस ‘भाई’ का खुले दिल से स्वागत किया, लेकिन जब सच सामने आया, तो शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। आखिरकार, दुल्हन ने पति को छोड़कर अपने प्रेमी के साथ जाने का फैसला किया।

यह अनोखी घटना दादपुर गांव की है, जहां विश्वजीत पासवान की शादी 16 अप्रैल को बड़ी बलिया निवासी प्रकाश पासवान की बेटी कल्पना कुमारी के साथ धूमधाम से हुई थी। हिंदू रीति-रिवाज के साथ संपन्न इस शादी में दोनों पक्षों के परिजन और रिश्तेदार शामिल हुए। लेकिन कल्पना इस शादी से खुश नहीं थी। उसका दिल तो कहीं और बंधा था। वह अपने प्रेमी नीतीश के साथ जिंदगी बिताना चाहती थी। 17 अप्रैल को विदाई के बाद वह ससुराल पहुंची, लेकिन उसका मन ससुराल में नहीं रमा। अगले दिन, 18 अप्रैल को उसका भाई मायके लौट गया, और यहीं से कहानी ने नया मोड़ लिया।

कल्पना का प्रेमी नीतीश उसकी शादी की खबर से परेशान था। दोनों के बीच फोन पर बात हुई, और कल्पना ने नीतीश को ससुराल आने का न्योता दे दिया। उसने नीतीश को सलाह दी कि वह खुद को उसका मौसेरा भाई बताए। प्रेमिका का बुलावा मिलते ही नीतीश शुक्रवार की शाम दादपुर पहुंच गया। कल्पना ने गांव में नीतीश को रिसीव करने के लिए किसी को भेजा, और उसे ‘भाई’ के रूप में ससुराल लाया गया। ससुराल वालों ने इस ‘रिश्तेदार’ का खूब सम्मान किया। खाने-पीने की व्यवस्था की गई और उसे दुल्हन के कमरे में भेज दिया, ताकि वह अपनी ‘बहन’ से आराम से बात कर सके।

ससुराल वालों को लगा कि नई दुल्हन अपने मायके के लोगों से बात करना चाहती होगी। लेकिन असलियत कुछ और थी। विश्वजीत को जब अपने ‘साले’ के आने की खबर मिली, तो वह पत्नी से मिलने कमरे में पहुंचा। वहां का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। कल्पना और नीतीश आपत्तिजनक स्थिति में थे। गुस्से में विश्वजीत ने अपने ससुर को फोन किया, जिन्होंने बताया कि उनका कोई रिश्तेदार नीतीश नहीं है। इसके बाद घर में हंगामा मच गया।

शनिवार को कल्पना के पिता और भाई दादपुर पहुंचे। पूछताछ में नीतीश इधर-उधर की बातें करता रहा, लेकिन कल्पना ने साफ कह दिया कि वह नीतीश से लंबे समय से प्यार करती है और उसी के साथ रहना चाहती है। उसने यह भी स्वीकार किया कि नीतीश को उसी ने बुलाया था। कल्पना ने ससुराल वालों से कहा कि यह शादी उसकी मर्जी के खिलाफ हुई थी, और वह इस घर में नहीं रहना चाहती। परिजनों और गांव वालों ने उसे खूब समझाया, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही।

आखिरकार, मामला थाने पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाया और समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अंत में, पुलिस ने कल्पना, विश्वजीत और नीतीश को उनके परिजनों के हवाले कर दिया। इस घटना ने पूरे गांव में चर्चा का माहौल बना दिया। जहां एक तरफ विश्वजीत और उसके परिवार के लिए यह सदमा था, वहीं कल्पना अपने प्रेमी के साथ अपनी नई जिंदगी की ओर बढ़ चली। यह कहानी न केवल प्रेम की जिद को दर्शाती है, बल्कि सामाजिक रीति-रिवाजों और व्यक्तिगत इच्छाओं के बीच टकराव की भी मिसाल है।

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