सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के गांव बढयावला में एक दुखद घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया। रविवार को एक 45 वर्षीय महिला तुलसी देवी ने अपने किराए के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मकान मालिक धर्मदत्त ने कण्डाघाट पुलिस थाने में दी, जिसके बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
पुलिस को मौके पर तुलसी देवी पंखे से लटकी मिली, और उनकी मृत्यु हो चुकी थी। मृतका की पहचान तुलसी देवी, पत्नी संजय कुमार, मूल रूप से नेपाल निवासी के रूप में हुई, जो पिछले 16 वर्षों से बढयावला में किराए के मकान में रह रही थी। पुलिस ने मौके पर मौजूद परिजनों और अन्य लोगों के सामने शव को फंदे से उतारा और गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण में मृतका के शरीर पर किसी भी प्रकार के चोट या खरोंच के निशान नहीं पाए गए।
जांच में सामने आया कि तुलसी देवी चार साल पहले स्मृति लोप (याददाश्त खोने) की बीमारी से पीड़ित थीं। उनका डेढ़ साल तक शिमला के आईजीएमसी में इलाज चला, जिसके बाद उनकी याददाश्त वापस आ गई थी। हालांकि, वह मानसिक रूप से परेशान रहती थीं और प्रतिदिन शराब का सेवन करती थीं। वह अक्सर अपनी बेटी और बेटे को वापस लाने की बात कहती थीं। पुलिस के अनुसार, इन्हीं मानसिक परेशानियों के चलते तुलसी देवी ने 20 अप्रैल 2025 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मौके पर मौजूद परिजनों और अन्य लोगों ने मृतका की मौत पर किसी भी प्रकार का शक जाहिर नहीं किया है। प्रारंभिक जांच में भी आत्महत्या का कारण मानसिक परेशानी ही सामने आया है। फिर भी, पुलिस हर पहलू की गहन जांच कर रही है। मृतका का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, और मामले में धारा 194 बीएनएसएस 2023 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस घटना ने गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं को गंभीरता से लें और समय रहते मदद लें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


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