नालागढ़। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से महंगाई की मार झेल रही जनता पर एक और बोझ डाल दिया गया है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने लोकल बस किराए में भारी वृद्धि करते हुए इसे ₹5 से बढ़ाकर ₹10 कर दिया है। इस फैसले ने नालागढ़ उपमंडल सहित पूरे प्रदेश में लोगों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार एक के बाद एक टैक्स और नए फैसले थोप रही है, जिससे आम आदमी का जीना दूभर हो गया है। नालागढ़ के निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि बढ़ा हुआ किराया वापस नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।
नालागढ़ के बाजारों और चाय की दुकानों पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा जोरों पर है। स्थानीय निवासी ओमकार गुप्ता ने कहा, “पहले ही पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और रोजमर्रा की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। अब बस किराया दोगुना करने से गरीब और मध्यम वर्गीय लोग कैसे गुजारा करेंगे?” उन्होंने बताया कि वे रोजाना बस से अपने काम पर आते जातें हैं, और किराया बढ़ने से उनकी मासिक आय पर भारी असर पड़ेगा। उनका कहना है कि सरकार ने चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार लगातार जनता की जेब पर ही डाका डाल रही है।
इस मामले में जब हमने हिमाचल पथ परिवहन निगम के नालागढ़ डिपो के प्रभारी विवेक लखनपाल से बात की, तो उन्होंने किराया वृद्धि को जायज ठहराया। उनका कहना था कि डीजल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के कारण यह फैसला लेना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि किराया वृद्धि का आम लोगों पर ज्यादा असर नहीं होगा, क्योंकि जो व्यक्ति यात्रा करना चाहता है, वह किराया मैनेज कर लेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस अतिरिक्त आय से परिवहन निगम अपनी सेवाओं को बेहतर कर सकेगा, जिसका लाभ भविष्य में यात्रियों को मिलेगा। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि सेवाओं में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
दूसरी ओर, स्थानीय सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने इस फैसले की कड़ी आलोचना है, “कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही जनता को महंगाई के भंवर में धकेल दिया है। यह किराया वृद्धि गरीब और मध्यम वर्ग के लिए करारा झटका है।” उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल इस फैसले को वापस ले, वरना प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।


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