देहरादून में गोलीकांड का दून पुलिस ने किया खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार - सत्यमेव जयते

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Saturday, April 19, 2025

देहरादून में गोलीकांड का दून पुलिस ने किया खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार


देहरादून। प्रेमनगर थाना क्षेत्र में 16 अप्रैल को हुई एक सनसनीखेज घटना का दून पुलिस ने खुलासा कर दिया है। कोलूपानी, कोटरा संतूर रोड पर एक निजी पेइंग गेस्ट (पीजी) में रहने वाले बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष के छात्र 21 वर्षीय शशि शेखर को संदिग्ध परिस्थितियों में सिर में गोली लगने की घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और घटना में प्रयुक्त पिस्टल व खोखा बरामद किया।

घटना की सूचना मिलते ही प्रेमनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शशि शेखर, जो झारखंड के रामगढ़ जिले के निवासी थे, को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 के तहत मामला दर्ज किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर तत्काल जांच के निर्देश दिए।

पुलिस ने फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि घटना के समय शशि शेखर के कमरे में उसका सहपाठी 21 वर्षीय शशि रंजन भी था। शशि रंजन  उसी संस्थान में बीएसी एग्रीकल्चर का छात्र है। पूछताछ में शशि रंजन ने बताया कि वह और शशि शेखर कमरे में बैठे थे। शशि शेखर ने अपने पास रखी पिस्टल निकालकर दिखानी शुरू की। इस दौरान शशि रंजन ने पिस्टल को छुआ, और गलती से ट्रिगर दबने से गोली चल गई, जो शशि शेखर के सिर में बाईं ओर लगी। गोली लगने से शशि शेखर के सिर से खून की धार बहने लगी और वह तड़पने लगा।

घबराहट में शशि रंजन ने पिस्टल, मैगजीन और खोखा वहीं छिपा दिया जहां से शशि शेखर ने इसे निकाला था। इसके बाद उसने अन्य दोस्तों की मदद से शशि शेखर को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने शशि रंजन की संलिप्तता पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया। चूंकि घटना में जानबूझकर हत्या का इरादा नहीं पाया गया, इसलिए मामले में धारा 109 बीएनएस को धारा 110 बीएनएस में संशोधित किया गया।

गिरफ्तार आरोपी शशि रंजन बिहार के मधुबनी जिले का निवासी है। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिस्टल और खोखा बरामद किया। इस मामले की जांच में थानाध्यक्ष मोहन सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक आशीष रबियान, उपनिरीक्षक प्रवीन सैनी, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र बिष्ट, कांस्टेबल रोबिन सिंह, संदीप और अमरेंद्र की टीम शामिल थी।

पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए शिक्षण संस्थानों और पीजी में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। साथ ही, अवैध हथियारों के उपयोग पर कड़ी निगरानी का आश्वासन दिया है। जांच अभी जारी है ताकि घटना के अन्य पहलुओं का पता लगाया जा सके।

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